किसानों के दबाव में सिंहस्थ लैंड पूलिंग योजना निरस्त, CM Mohan Yadav बोले- भावनाओं का सम्मान किया

नई दिल्ली। किसानों के भारी विरोध के बाद आखिरकार प्रदेश सरकार ने सिंहस्थ लैंड पूलिंग एक्ट निरस्त कर दिया है। सोमवार को सीएम आवास पर भारतीय किसान संघ, भाजपा और अन्य प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एलान किया कि किसानों की भावनाओं का सम्मान करते हुए सिंहस्थ लैंड पुलिंग एक्ट को निरस्त किया जाता है।

उन्होंने कहा कि विश्व सिंहस्थ का वैभव देखेगा। दरअसल, किसान इसी बात पर अड़े हुए थे कि लैंड पूलिंग एक्ट को पूरी तरह निरस्त किया जाए। इसका आशय यह हुआ कि भूमि अधिग्रहण पूर्व की तरह अस्थायी व्यवस्था के तहत ही होगी, न कि स्थायी निर्माण के लिए। सरकार ने पहले प्रयास किया था कि किसानों की सहमति से लैंड पूलिंग की जाए, लेकिन भारतीय किसान संघ इससे असहमत था।

किस बात पर अड़ा था किसान संघ?
किसान संघ इस बात पर अड़ा था कि सिंहस्थ के लिए किसानों की भूमि स्थाई निर्माण के लिए लेने से उनकी आजीविका का साधन समाप्त हो जाएगा। उज्जैन के सिंहस्थ 2028 में आने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए अब यहां पहले की तरह अस्थायी रूप से किसानों की भूमि ली जाएगी और बदले में उन्हें प्रविधान अनुसार भुगतान किया जाएगा।

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