साइबर थाना शाहदरा ने पकड़ा क्रिप्टो ठग, ₹55,100 की ऑनलाइन ठगी का खुलासा
संवाददाता नितिन जैन
साइबर थाना शाहदरा, दिल्ली में दिनांक 05.10.2025 एक मामला दर्ज किया गया।
शिकायतकर्ता संगम यादव, पुत्र गोरखनाथ यादव, निवासी 15, प्रताप खंड, विश्वकर्मा नगर, शाहदरा, दिल्ली ने बताया कि उन्होंने इंस्टाग्राम पर वर्क फ्रॉम होम का एक विज्ञापन देखा।
विज्ञापन पर क्लिक करने पर उन्हें एक टेलीग्राम ग्रुप “AARAVI (RECEPTIONIST)” से जोड़ा गया, जिसमें एक महिला ने खुद को VIMERSE कंपनी की कर्मचारी बताया।
इसके बाद, शिकायतकर्ता को “Timely Information” नामक एक अन्य ग्रुप में जोड़ा गया, जहाँ उन्हें टास्क देकर पैसे कमाने का लालच दिया गया। पहले टास्क के लिए उन्हें ₹150/- मिले, फिर आगे महंगे टास्क देकर उनसे कुल ₹55,100/- UPI आईडी के जरिए जमा कराए गए।
जब उन्होंने पैसे वापस मांगने की कोशिश की, तो उनसे और पैसे जमा करने को कहा गया। तभी उन्हें ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई।
👮♀️ जांच टीम का गठन:
जांच के लिए SHO विजय कुमार के नेतृत्व में इंस्पेक्टर श्वेता शर्मा, ASI राजदीप, HC जावेद, HC दीपक, HC नरेंद्र, और कांस्टेबल रंजीत की टीम बनाई गई, जिसका पर्यवेक्षण ACP/OPS श्री मोहिंदर सिंह ने किया।
🔍 जांच और गिरफ्तारी:
जांच के दौरान, मनी ट्रेल का विश्लेषण किया गया। बैंक से जानकारी में सामने आया कि ₹29,500/- की राशि लुधियाना, पंजाब के जगरोआं के एक पेट्रोल पंप पर स्वाइप की गई थी।
CDR (Call Detail Record) के आधार पर मोबाइल लोकेशन का विश्लेषण किया गया और सुखप्रीत सिंह,को पूछताछ के लिए पकड़ा गया।
पूछताछ में उसने बताया कि वह m.singh.162@superyes नामक टेलीग्राम ग्रुप में आज़ादीप सिंह के संपर्क में था। वह बाजार मूल्य (₹94-₹98 प्रति USDT) पर USDT (क्रिप्टो करेंसी) खरीदकर उस ग्रुप में ₹105 प्रति USDT पर बेचता था।
उसे पता था कि जिस INR अकाउंट में पैसा आ रहा है, वह साइबर शिकायतों के कारण फ्रीज़ हो सकता है, इसलिए वह अलग-अलग खातों का उपयोग करके पेट्रोल पंप से पैसे स्वाइप करता था या एटीएम से निकालता था।
✅ बरामदगी:
03 मोबाइल फ़ोन
06 सिम कार्ड
12 एटीएम कार्ड
(सभी को जब्त कर लिया गया)
सुखप्रीत सिंह को 2 दिन की पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई, फिर न्यायिक हिरासत (JC) में भेज दिया गया।
💰 राशि की स्थिति:
₹29,500/- एक इंडियन बैंक खाते में जमा हुए, जिसका खाता धारक अब तक फरार है।
बाकी की राशि तीन अन्य खातों में ट्रांसफर हुई।
जांच अभी भी जारी है।
🎭 ठगी का तरीका (Modus Operandi):
टेलीग्राम पर फर्जी ग्रुप बनाना जो इनवेस्टमेंट एक्सपर्ट, क्रिप्टो ट्रेडर, या स्टॉक मार्केट एनालिस्ट का रूप लेते हैं।
नकली प्रोफाइल (अंग्रेज़ी नाम, आकर्षक फोटो) बनाकर लोगों से संपर्क करना।
झूठी कमाई के स्क्रीनशॉट, फर्जी लाभ और ग्राहकों की नकली समीक्षाएं दिखाना।
₹100-₹200 जैसे छोटे निवेश पर तुरंत रिटर्न दिखाकर विश्वास बनाना।
फिर बड़ी राशि निवेश के लिए उकसाना — “प्रीमियम प्लान”, “हाई रिटर्न ऑफर”, “विदड्रॉवल टैक्स” जैसे झूठे कारण देकर और पैसे मांगना।
पैसे लेने के बाद, ग्रुप/एकाउंट डिलीट कर देना या ब्लॉक कर देना।
पैसे को क्रिप्टोकरेंसी में बदल देना या मनी म्यूल अकाउंट्स से निकाल लेना।
📌 गिरफ्तार आरोपी का विवरण:
नाम: सुखप्रीत सिंह
पता: अगवार पोना, थाना जगराon, जिला लुधियाना, पंजाब
उम्र: 25 वर्ष
शिक्षा: 8वीं पास
👮♀️ जांच टीम का गठन:



