संघ का लक्ष्य भारत को विश्वगुरु बनाना सत्य और तथ्य- Mohan Bhagwat
नई दिल्ली। संघ के बारे में बहुत सी चर्चाएं चलती हैं। लेकिन उस चर्चा में जानकारी कम होती है. जो होती है वह प्रामाणित नहीं है। इसलिए अपनी तरफ से संघ की सत्य और सही जानकारी देना जरूरी है। उसके बाद निष्कर्ष का सभी का अपना अधिकार है। सौ साल की संघ की यात्रा हो रही है। संघ चलाने का एक उद्देश्य है।

विश्व में कई देश हैं, उनके साथ प्रतिस्पर्धा शुरू करना इरादा नहीं है। स्वामी विवेकानंद का कथन है- प्रत्येक राष्ट्र को एक मिशन पूरा करना होता है। प्रत्येक राष्ट्र का विश्व में योगदान होता है, जो करना होता है। भारत का भी अपना योगदान है।




