दिल्ली-एनसीआर में प्याज की कीमतों पर केंद्र की नजर
दिल्ली-एनसीआर में प्याज की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बाजार में प्याज के दाम तेजी से बढ़ने के बाद केंद्र सरकार ने कीमतों पर नियंत्रण के लिए हस्तक्षेप शुरू कर दिया है। सरकार ने नासिक से प्याज की आपूर्ति बढ़ाने के साथ अपने सुरक्षित भंडार से प्याज बाजार में उतारने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर समेत प्रमुख शहरों में पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखना और कीमतों में अचानक होने वाली बढ़ोतरी को रोकना है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 24 अगस्त को देश में प्याज की औसत खुदरा कीमत करीब 43.53 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले लगभग 59 प्रतिशत अधिक है। दिल्ली में खुदरा कीमत करीब 55 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई, जबकि कुछ बाजारों में अच्छी गुणवत्ता का प्याज इससे भी अधिक कीमत पर बिक रहा है।
बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने ‘कांदा एक्सप्रेस’ के माध्यम से नासिक से प्याज की बड़ी खेप दिल्ली सहित प्रमुख खपत वाले केंद्रों तक भेजनी शुरू की है। प्रारंभिक चरण में दिल्ली, चेन्नई, मदुरै, एर्नाकुलम और गुवाहाटी जैसे शहरों में प्याज पहुंचाया जाएगा। सरकार के अनुसार, आवश्यकता के आधार पर आगे अन्य शहरों को भी इस व्यवस्था में शामिल किया जा सकता है।
दिल्ली-एनसीआर के उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरकारी एजेंसियों के माध्यम से प्याज 35 रुपये प्रति किलोग्राम की नियंत्रित दर पर बेचने की तैयारी है। इसके लिए मोबाइल बिक्री वाहनों का इस्तेमाल किए जाने की योजना है। बिक्री केंद्रों और वितरण व्यवस्था की जानकारी आने वाले दिनों में स्पष्ट की जाएगी।
प्याज की कीमतों में मौजूदा तेजी के पीछे पुराने रबी भंडार में कमी, नई फसल की आवक के बीच मौसमी अंतर और कुछ क्षेत्रों में मौसम से जुड़ी समस्याओं को प्रमुख कारण माना जा रहा है। ऐसे में सरकार की कोशिश है कि अतिरिक्त आपूर्ति के जरिए बाजार में संतुलन बनाया जाए।
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह प्याज की कीमतों पर लगातार नजर रख रही है। यदि बाजार में कीमतों का दबाव बना रहता है तो आगे भी अतिरिक्त कदम उठाए जा सकते हैं। सरकारी हस्तक्षेप से दिल्ली-एनसीआर के उपभोक्ताओं को आने वाले दिनों में राहत मिलने की उम्मीद है।




