पंजाब में नेत्रदान पखवाड़ा शुरू
पंजाब में 41वां राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा 25 अगस्त से शुरू हो गया है। यह अभियान 8 सितंबर तक चलेगा। इसका उद्देश्य लोगों को नेत्रदान के महत्व के बारे में जागरूक करना और मरणोपरांत नेत्रदान के लिए अधिक से अधिक लोगों को प्रेरित करना है। पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने लोगों से इस मानवीय कार्य में आगे आने और अपने नेत्रदान का संकल्प लेने की अपील की है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पखवाड़े के दौरान पूरे राज्य में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत सूचना, शिक्षा और संचार से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। लोगों के बीच नेत्रदान को लेकर मौजूद भ्रांतियों और गलत धारणाओं को दूर करने का प्रयास भी किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक नागरिक नेत्रदान के महत्व को समझें और इस अभियान से जुड़ें।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह स्वयं नेत्र चिकित्सक हैं। उन्होंने बताया कि आंख के सामने मौजूद पारदर्शी ऊतक कोर्निया को मृत व्यक्ति के नेत्रदान के बाद प्राप्त किया जा सकता है। इसका उपयोग कोर्निया संबंधी अंधता से पीड़ित लोगों के उपचार में किया जाता है। सफल प्रत्यारोपण के माध्यम से ऐसे लोगों की दृष्टि लौटाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति का नेत्रदान दो लोगों की दृष्टि बहाल करने में सहायक हो सकता है।
पंजाब में इस अभियान के दौरान अस्पतालों, स्वास्थ्य संस्थानों और अन्य स्थानों पर जागरूकता गतिविधियां आयोजित किए जाने की योजना है। लोगों को यह भी बताया जाएगा कि नेत्रदान की प्रक्रिया क्या है और मृत्यु के बाद परिवार किस प्रकार संबंधित स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क कर सकता है।
नेत्रदान को समाज सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, कोर्निया प्रत्यारोपण की आवश्यकता वाले लोगों के लिए दान किए गए नेत्र बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में पंजाब सरकार का यह अभियान लोगों में जागरूकता बढ़ाने के साथ जरूरतमंद मरीजों को भविष्य में दृष्टि उपलब्ध कराने में मदद कर सकता है।




