पंजाब में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए नई नीति, स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा सहारा
पंजाब सरकार ने राज्य में सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए एक नई नीति लागू करने की घोषणा की है। इस नीति का उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना और मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराना है।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, नई नीति के तहत डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा और विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देने वाले डॉक्टरों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन, बेहतर आवास सुविधाएं और करियर ग्रोथ के अवसर प्रदान किए जाएंगे।
नीति में टेलीमेडिसिन और डिजिटल हेल्थ सेवाओं के विस्तार पर भी जोर दिया गया है, जिससे दूरस्थ इलाकों में मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श मिल सके। मेडिकल कॉलेजों और प्रशिक्षण संस्थानों के साथ समन्वय कर नए डॉक्टरों को सरकारी सेवाओं से जोड़ने की योजना भी शामिल है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और जिला अस्पतालों में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी। इससे मरीजों को बड़े शहरों की ओर पलायन करने की मजबूरी भी कम होगी।




