Crime: नाबालिग से गैंगरेप एवं लूट के मामलों में फरार ₹25000 के इनामी को लोहरा पीतुपूरा की घाटी से किया गिरफ्तार
A person absconding with a bounty of ₹25000 in the case of gangrape and robbery of a minor was arrested from the valley of Lohra Pitpura
जिला स्पेशल टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म व लूट के मामले में करीब चार साल से फरार चल रहे 25 हजार रुपए के इनामी बदमाश मोहन राज मीना पुत्र हरकेश निवासी गांगुरड़ा थाना मामचारी को लोहरा पितुपुरा की घाटी से गिरफ्तार किया है। आरोपी गांव से करीब 4 किमी दूर पहाड़ी पर चट्टान के नीचे गुफा में रह रहा था। अंधेरा होने पर लाइन के रास्ते से घर पहुंचता और खाना-पानी लेकर आता था। पुलिस ने आरोपी से एक देशी पिस्तौल व 10 कारतूस भी बरामद किए हैं। एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया कि लंबे समय से फरार चल रहे वांछित आरोपी मोहन राज के संबंध में उन्होंने डीएसटी प्रभारी धारा सिंह को आसूचना एकत्रित करने के निर्देश दिए थे। उसके लंबे समय से लोहरा पितुपुरा व गैराई की पहाड़ियों के घने जंगलों में होने की आसूचना मिली थी तथा तकनीकी आधार पर भी वांछित आरोपी के उसी जंगल में होने की पुष्टि हो रही थी। डीएसटी कांस्टेबल ने चरवाहा बनकर जुटाई जानकारी खुफिया जानकारी और तकनीकी जानकारी के आधार पर कांस्टेबल नैमी चंद पिछले एक महीने से चरवाहे के वेश में बकरी चराने वालों के साथ लगातार सर्चिंग कर रहे थे। करीब तीन दिन पहले पुख्ता जानकारी मिली कि आरोपी लोहरा गांव की घनी पहाड़ियों में है। जिस पर एसपी के निर्देश पर डीएसटी टीम ने दिन-रात डेरा जमाए रखा।
पांच टीमों ने दो-दो के ग्रुप में की तलाश
चूंकि जंगल काफी घना था, इसलिए बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था। दो-दो के ग्रुप में पांच टीमें पिछले तीन दिन और रात से कंटीली झाड़ियों और धौक के पेड़ों के बीच से रास्ता बनाकर आरोपी की तलाश कर रही थीं। बुधवार को कांस्टेबल नैमी चंद और रामदास जब पहाड़ की ढलान पर घनी झाड़ियों में चढ़ रहे थे, तो आरोपी मोहनराज एक चट्टान के नीचे गुफा में बैठा दिखाई दिया। दोनों कांस्टेबलों को कंटीली झाड़ियों में चढ़ता देख आरोपी वहां से भागने लगा। उन्होंने टीम के सभी सदस्यों को इसकी जानकारी दी और उसका पीछा करते रहे। आरोपी मोहन राज जंगल के छोटे रास्ते से वाकिफ था और जूते उतारकर भागता रहा और करीब चार किलोमीटर भागने के बाद वह कैलादेवी सपोटरा रोड के पास एक धार्मिक स्थल के पास बनी पानी की टंकी के पास छिप गया। वांछित आरोपी के हाथ में हथियार था, टीम ने उसे चारों तरफ से घेर लिया और हथियार नीचे रखने की चुनौती दी। लेकिन आरोपी हथियार नीचे रखने को तैयार नहीं हुआ। इस बीच कांस्टेबल नेमीचंद व रामदास ने बहादुरी से आरोपी को बिना कोई नुकसान पहुंचाए टंकी के पीछे से पकड़ लिया। हथियार की जांच की तो पेंट की जेब में एक लोडेड कट्टा 315 बोर व 9 जिंदा कारतूस मिले। आरोपी के खिलाफ कैलादेवी थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।




