Cyber crime: साइबर अपराधियों के अकाउंट संभालने वाला आरोपी धरा
The accused who handled the accounts of cyber criminals was arrested
दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस की साइबर थाना पुलिस ने विदेश में रहकर भारत में लोगों से ठगी करने वाले गिरोह के अकाउंटेंट को 12 अक्तूबर को मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है। आरोपी विक्रम पुरोहित भारत और विदेश में बैठे जालसाजों के बीच बिचौलिए की भूमिका निभाता था। पुलिस ने आरोपी के पास से तीन मोबाइल फोन, पांच सिम कार्ड और पांच एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस आरोपी के तीन साथियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस जांच में आरोपी के खातों से 3.27 करोड़ रुपये के लेन-देन का पता चला है। साथ ही आरोपी के खिलाफ गृह मंत्रालय के पोर्टल पर 40 शिकायतें दर्ज हैं।

आरोपी के खाते सीज कर दिए गए हैं। पुलिस उपायुक्त सुरेंद्र सिंह ने बताया कि 21 फरवरी को एक महिला ने गृह मंत्रालय के पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया था कि आरोपियों ने उसे अपने टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा था। इसके बाद वे उसे शेयर बाजार में निवेश करने की जानकारी देने लगे। आरोपियों ने पीड़िता से कहा कि वह शेयर बाजार में पैसा लगाए और फिर अगले दिन उन शेयरों को बेच दे, जिससे उसे अच्छा मुनाफा होगा। पीड़िता उनके झांसे में आ गई और आईपीओ में 18 लाख रुपये निवेश कर दिए। आरोपियों ने पीड़ित को निवेश करवाने के लिए प्ले स्टोर से पीओ सिक्योरिटीज एप्लीकेशन भी डाउनलोड करवाया। इसके बाद आरोपियों ने अपना मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया अकाउंट बंद कर दिया। साइबर थाना एसएचओ कुमार बुलडक की टीम ने पीड़ित के बयान पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस की दो टीमें आरोपियों के बारे में सुराग जुटाने में लग गईं। जांच में पता चला कि ठगी की रकम तीन खातों में भेजी गई थी। इनमें से दो खाते मोहम्मद अली और दीपू पी के नाम पर थे। पुलिस ने दोनों को 8 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया। दोनों से पूछताछ के बाद पुलिस को चेतन नायडू के बारे में सुराग मिला। पुलिस ने चेतन नायडू को 29 अगस्त को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया। चेतन नायडू इस गिरोह के मास्टरमाइंड विक्रम पुरोहित का करीबी था। चेतन नायडू की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही विक्रम देश छोड़कर विदेश भाग गया। इसके बाद पुलिस को विक्रम के मुंबई एयरपोर्ट पर पहुंचने की सूचना मिली और उसे गिरफ्तार कर लिया।




