दिल्ली में प्रदूषण गंभीर स्तर की ओर, ग्रैप-3 प्रतिबंध लागू
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का तीसरा चरण लागू कर दिया है। छह नवंबर को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 382 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। प्रदूषण की स्थिति और बिगड़ने की आशंका को देखते हुए अधिकारियों ने एहतियातन सख्त कदम उठाए हैं।
ग्रैप-3 लागू होने के बाद दिल्ली और एनसीआर में गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। इसमें खुदाई, भवन गिराने, सड़क निर्माण और धूल पैदा करने वाले कई कार्य शामिल हैं। हालांकि, मेट्रो, रेलवे, अस्पताल, राष्ट्रीय सुरक्षा और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को निर्धारित नियमों के तहत छूट दी जा सकती है।
वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए पुराने वाहनों पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं। दिल्ली और आसपास के कुछ एनसीआर जिलों में बीएस-3 पेट्रोल तथा बीएस-4 डीजल श्रेणी के चार पहिया वाहनों के संचालन पर रोक रहेगी। इसके अलावा निर्माण सामग्री के परिवहन, पत्थर की खदानों और प्रदूषण फैलाने वाले कुछ औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर भी सख्ती की गई है।
प्रशासन ने निजी कंपनियों को घर से काम या मिश्रित कार्य व्यवस्था अपनाने की सलाह दी है। छोटे बच्चों को प्रदूषण से बचाने के लिए पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई ऑनलाइन कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, मौसम में बदलाव, हवा की गति कम होने और प्रदूषकों के वातावरण में जमा रहने से स्थिति बिगड़ सकती है। ऐसे में नागरिकों से निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने और प्रदूषण नियंत्रण नियमों का पालन करने की अपील की गई है।




