पंजाब में दूसरे राज्यों से आने वाली प्रतिबंधित औषधियां बनीं नई चुनौती
चंडीगढ़। पंजाब में नशीली दवाओं के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच दूसरे राज्यों से आने वाली प्रतिबंधित औषधियां पुलिस के लिए नई चुनौती बनकर सामने आई हैं। पुलिस के अनुसार, राज्य में नशीली गोलियों और अन्य प्रतिबंधित औषधियों की आपूर्ति में बाहरी राज्यों से आने वाली खेप की भूमिका बढ़ रही है। जांच एजेंसियों ने हाल के अभियानों में बड़ी मात्रा में ऐसी गोलियां बरामद की हैं।
पुलिस का कहना है कि प्रतिबंधित औषधियों की तस्करी के लिए आपूर्तिकर्ता अंतरराज्यीय नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन खेपों को पंजाब तक पहुंचाने के बाद अलग-अलग जिलों में छोटे विक्रेताओं और स्थानीय नेटवर्क के माध्यम से खपाने की कोशिश की जाती है। इससे नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान में नई चुनौतियां पैदा हो रही हैं।
जांच के दौरान पुलिस ने कई मामलों में संदिग्धों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से प्रतिबंधित गोलियां बरामद की हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन मामलों की कड़ियां पंजाब के बाहर मौजूद आपूर्तिकर्ताओं तक पहुंच सकती हैं। इसलिए स्थानीय स्तर पर गिरफ्तारी के साथ-साथ दूसरे राज्यों में सक्रिय नेटवर्क की जानकारी जुटाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
पुलिस और संबंधित एजेंसियां दवा की दुकानों, भंडारण केंद्रों और परिवहन माध्यमों पर भी निगरानी बढ़ा रही हैं। बिना वैध अनुमति प्रतिबंधित औषधियों की बिक्री या आपूर्ति करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, नशीली दवाओं की समस्या से निपटने के लिए केवल स्थानीय तस्करों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। अंतरराज्यीय आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ना भी जरूरी है। इसके लिए पड़ोसी राज्यों की पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाने की जरूरत बताई जा रही है।
पंजाब में पहले से ही नशे के खिलाफ व्यापक अभियान चल रहा है। ऐसे में प्रतिबंधित औषधियों की बढ़ती आपूर्ति पर रोक लगाना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बन गया है। पुलिस का कहना है कि तस्करी के नेटवर्क की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और युवाओं तक नशीली दवाओं की पहुंच रोकने के लिए निगरानी और मजबूत की जाएगी।




