दिल्ली में स्वाइन फ्लू के 48 नए मामले, स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई सतर्कता
राजधानी दिल्ली में स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 30 अगस्त को दिल्ली में स्वाइन फ्लू के 48 नए मामलों की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही इस वर्ष अब तक एच1एन1 संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 3,629 तक पहुंच गई है। इनमें 3,054 मामले दिल्ली के निवासियों से जुड़े हैं, जबकि 575 मरीज दिल्ली के बाहर के हैं और उपचार के लिए राजधानी पहुंचे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में केवल एच1एन1 ही नहीं, बल्कि इन्फ्लुएंजा के अन्य प्रकारों के मामले भी सामने आ रहे हैं। इस वर्ष इन्फ्लुएंजा ए और बी के कुल मामलों की संख्या 5,029 तक पहुंच चुकी है। लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से सावधानी बरतने और संक्रमण के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, स्वाइन फ्लू में सामान्य तौर पर तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द, सिरदर्द, ठंड लगना और अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों में संक्रमण के गंभीर होने का खतरा अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है। ऐसे लोगों को लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की आवश्यकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को भीड़भाड़ वाली जगहों पर अनावश्यक रूप से जाने से बचने, खांसते या छींकते समय मुंह ढकने और हाथों की स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी है। हल्के लक्षण होने पर घबराने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना उचित माना जा रहा है। वहीं, तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी या स्थिति बिगड़ने पर तुरंत अस्पताल जाने की सलाह दी गई है।
दिल्ली में स्वाइन फ्लू के साथ डेंगू और मलेरिया के मामलों में भी अगस्त के दौरान वृद्धि दर्ज हुई है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के सामने एक साथ कई मौसमी बीमारियों पर नियंत्रण रखने की चुनौती है। अधिकारियों की निगरानी बढ़ने के साथ नागरिकों से भी व्यक्तिगत स्वच्छता और सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।




