अमृता हॉस्पिटल में पुणे के मरीज की चौथी बार सफल बेंटाल हार्ट सर्जरी – 20 साल पुरानी बीमारी पर मिली जीत
Pune patient successfully undergoes Bentall Heart Surgery for the fourth time at Amrita Hospital – victory over a 20-year-old ailment
पुणे के 52 वर्षीय एक व्यक्ति (आयुष, बदला हुआ नाम) को चौथी बार ओपन हार्ट सर्जरी के बाद एक नया जीवन मिला है। यह असाधारण रूप से जटिल सर्जरी अमृता हॉस्पिटल, फरीदाबाद में 12 अगस्त 2025 को सफलतापूर्वक की गई।
इस दुर्लभ बेंटाल सर्जरी को अंजाम दिया अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट और एडल्ट कार्डियक सर्जरी प्रमुख डॉ. समीर भाटे और उनकी मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम ने। यह भारत में कार्डियक सर्जरी की दुनिया में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
🫀 20 वर्षों में 4 हार्ट सर्जरी – हर बार एक नई चुनौती
2002: दोनों हृदय वाल्व (माइट्रल और एओर्टिक) को बायोलॉजिकल वाल्व से बदला गया
2012: वाल्व खराब होने पर दूसरी सर्जरी
2022: तीसरी सर्जरी में माइट्रल वाल्व को मेकेनिकल वाल्व से बदला गया
2025: चौथी बार एओर्टिक बायोलॉजिकल वाल्व फेल, इस बार बेंटाल सर्जरी की गई
🔬 बेंटाल सर्जरी क्या है?
बेंटाल सर्जरी एक उच्च जटिलता वाली प्रक्रिया होती है जिसमें:
एओर्टिक वाल्व और एसेन्डिंग एओर्टा को हटाया जाता है
नई मेकेनिकल वाल्व और ग्राफ्ट लगाई जाती है
दोनों कोरोनरी धमनियों को फिर से जोड़ा जाता है
⚠️ ऑपरेशन की मुख्य चुनौतियाँ:
पहले तीन ऑपरेशनों के कारण दिल की संरचना असामान्य हो गई थी
धमनी फटने के कारण इंट्रा-ऑपरेटिव कोरोनरी बायपास करना पड़ा
खून बहने के खतरे के चलते ओपन चेस्ट तकनीक अपनानी पड़ी (24 घंटे के लिए सीना खुला रखा गया)
👨⚕️ डॉ. समीर भाटे का अनुभव
“यह सिर्फ सर्जरी नहीं थी, यह एक मिशन था। हर कदम सावधानी से लिया गया। मेरे पिता डॉ. सुधीर भाटे से सीखी हुई तकनीकों ने अहम भूमिका निभाई।”
👨👨👦👦 टीम वर्क बना सफलता की कुंजी
💉 सर्जिकल टीम:
डॉ. समीर भाटे (लीड सर्जन)
पर्फ्यूज़निस्ट्स: रवि देशपांडे, फैसल जैन, थुषारा मोहन
पीए: रुहुल खान
OT और ICU नर्सिंग टीम
🫀 कार्डियक एनेस्थेटिस्ट्स:
डॉ. धीरज अरोड़ा
डॉ. श्वेता पांसे
डॉ. राहुल मारिया
डॉ. राजेश पांडे
डॉ. प्रभात चौधरी
👩⚕️ अन्य विशेषज्ञ:
नेफ्रोलॉजी: डॉ. उर्मिला आनंद
इंफेक्शियस डिजीज़: डॉ. रोहित गर्ग
यूरोलॉजी: डॉ. मनव सूर्यवंशी
🙏 मरीज की प्रतिक्रिया
“पुणे में डॉक्टर्स ने मना कर दिया था। चौथी सर्जरी के बाद जीवित रहना असंभव बताया गया था। लेकिन आज मैं ज़िंदा हूँ, अमृता हॉस्पिटल और डॉक्टर भाटे की टीम का जीवन भर आभारी रहूंगा।”
🫀 20 वर्षों में 4 हार्ट सर्जरी – हर बार एक नई चुनौती



