‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान ने पूरा किया एक वर्ष, पंजाब में नशे के खिलाफ जंग को मिली नई ताकत
पंजाब सरकार द्वारा शुरू किया गया ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान ने सफलतापूर्वक अपना एक वर्ष पूरा कर लिया है। इस अभियान की शुरुआत राज्य में बढ़ती नशे की समस्या को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से की गई थी। पिछले एक साल में इस मुहिम के तहत पुलिस, प्रशासन और सामाजिक संगठनों ने मिलकर नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी।
अभियान के दौरान हजारों नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया और बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित पदार्थ जब्त किए गए। पुलिस ने राज्यभर में विशेष नाकेबंदी, तलाशी अभियान और खुफिया ऑपरेशनों के जरिए नशा नेटवर्क पर कड़ा प्रहार किया। इसके साथ ही युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और गांवों में सेमिनार और रैलियां आयोजित की गईं।
सरकार ने नशा छोड़ने वाले लोगों के पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया। कई जगहों पर डि-एडिक्शन सेंटरों को मजबूत किया गया, ताकि नशे के शिकार लोगों को उचित इलाज और परामर्श मिल सके। अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और समाज में जागरूकता का स्तर बढ़ा है।
एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर सरकार ने इसे और प्रभावी बनाने का संकल्प दोहराया है। अधिकारियों ने कहा कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई लंबी है, लेकिन जनसहयोग और सख्त कार्रवाई के दम पर इसे जरूर जीता जाएगा। ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अब केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है, जिसमें हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है।




