पंजाब में रिटायर्ड एनिमल डॉक्टर्स को झटका: हाईकोर्ट ने पेंशन में NPA शामिल करने की मांग ठुकराई, बताई यह वजह
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त पशु चिकित्सकों की पेंशन में नान-प्रैक्टिस अलाउंस (एनपीए) शामिल करने की याचिकाएं खारिज कर दी हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि 1 जुलाई 2011 से प्रभावी अधिसूचना का लाभ उस तिथि से पहले सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को पूर्व प्रभाव से नहीं दिया जा सकता। याचिकाकर्ताओं ने 1988-2009 के बीच सेवानिवृत्त होने के कारण यह लाभ मांगा था, जिसे अदालत ने मौजूदा नियमों के तहत अस्वीकार कर दिया।

जस्टिस नमित कुमार ने मेजर भूपिंदर सिंह सहित पंजाब पशुपालन विभाग के कई सेवानिवृत्त चिकित्सकों की याचिकाओं का निपटारा करते हुए कहा कि सभी याचिकाकर्ता वर्ष 1988 से 2009 के बीच सेवानिवृत्त हुए थे, इसलिए वे उस समय लागू पेंशन नियमों के अधीन ही आएंगे। अदालत ने माना कि सरकार द्वारा जारी 20 मई 2011 की अधिसूचना में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि एनपीए का लाभ केवल उन कर्मचारियों को मिलेगा, जो 1 जुलाई 2011 या उसके बाद सेवा में रहे या सेवानिवृत्त हुए।




