‘दहेज के कारण व्यावसायिक लेन-देन बनकर रह गई है शादी’, Supreme Court ने कहा- विवाह की पवित्रता हो रही खत्म
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि शादी आपसी विश्वास, एक दूसरे के साथ और सम्मान पर बनी पवित्र व उत्कृष्ट संस्था है। दुख की बात है कि दहेज की बुराई की वजह से यह पवित्र बंधन सिर्फ एक व्यावसायिक लेन-देन बनकर रह गया है।

दहेज हत्या पूरे समाज के विरुद्ध अपराध- सुप्रीम कोर्ट
जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ बेंच ने कहा कि दहेज हत्या सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे समाज के विरुद्ध अपराध है। पीठ ने कहा, ”दहेज की बुराई को अक्सर उपहार या मर्जी से दिए गए चढ़ावे के रूप में छिपाने की कोशिश की जाती है, लेकिन असल में यह सामाजिक रुतबा दिखाने और पैसे के लालच को पूरा करने का जरिया बन गई है।”




