मन की बात में विज्ञान, खेल, विरासत और स्वच्छता की प्रेरक कहानियों पर PM Modi की चर्चा
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ‘मन की बात’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे हैं। 2014 में शुरू हुए इस कार्यक्रम का आज 124वां संस्करण है। पीएम मोदी हाल ही में मालदीव की यात्रा से वापस लौटे हैं। वहीं, संसद में ऑपरेशन सिंदूर से लेकर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा हॉट टॉपिक बना हुआ है। ऐसे में संसद के मानसून सत्र के बीच यह पीएम मोदी का पहला संबोधन है, जिसपर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम की शुरुआत शुभांशु शुक्ला से की। पीएम मोदी ने कहा, “शुभांशु जैसे ही अंतरिक्ष से लौटे पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। पूरा देश गर्व से भर गया।

अगस्त 2023 में चंद्रयान 3 की सफल लैंडिंग के बाद साइंस और स्पेस को लेकर देश में नया माहौल बना। इसे लेकर बच्चों में जिज्ञासा जागी। अब छोटे-छोटे बच्चे भी कहते हैं कि हम भी स्पेस में जाएंगे।” पीएम मोदी ने कहा, “आपने ‘इंस्पायर मानक’ अभियान का नाम सुना होगा। इसमें हर स्कूल से 5 बच्चे चुने जाते हैं और हर बच्चा नया आइडिया लेकर आता है। चंद्रयान 3 के बाद इनकी संख्या दो गुनी हो गई है। स्पेस सेक्टर में स्टार्टअप भी तेजी से बढ़ रही हैं। अगले महीने 23 अगस्त को नेशनल स्पेस डे है। आप इसे कैसे मनाएंगे। मुझे नमो भारत ऐप पर जरूर मैसेज भेजिएगा।”
मन की बात’ कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि यूनेस्को ने 12 मराठा किलों को विश्व धरोहर का दर्जा दिया है। पीएम मोदी ने सभी किलों का इतिहास संक्षेप में पेश किया है। पीएम मोदी ने कहा – 11 किले महाराष्ट्र में और 1 किला तमिनाडु…हर किले से इतिहास का एक-एक पन्ना जुड़ा है। हर पत्थर एक ऐतिहासिक घटना का गवाह है। मैं सभी देशवसियों से आग्रह करता हूं कि इन किलों की यात्रा करें और अपने इतिहास को जानें।




