Defence: प्रथम और द्वितीय एनजीओपीवी (यार्ड 3037 तथा 3038) जहाज के निर्माण कार्यक्रम का शुभारंभ
Launch of construction programme for first and second NGOPV ships (Yard 3037 and 3038)
खुले समुद्र में गश्त करने वाले आधुनिक पीढ़ी के पहले और दूसरे जहाज (एनजीओपीवी) (पूर्व-जीआरएसई) यार्ड 3037 तथा 3038 के निर्माण कार्यक्रम का शुभारंभ समारोह 05 नवंबर, 2024 को कोलकाता के मेसर्स गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड में आयोजित किया गया। इस समारोह की अध्यक्षता पश्चिम बंगाल के माननीय राज्यपाल डॉ. सी.वी. आनंद बोस ने की, जिसमें भारतीय नौसेना और मेसर्स जीआरएसई के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 11 एनजीओपीवी जहाजों के स्वदेशी डिजाइन और निर्माण के उद्देश्य से रक्षा मंत्रालय तथा मेसर्स जीएसएल, गोवा के बीच सात जहाजों के लिए व मेसर्स जीआरएसई, कोलकाता के साथ 4 पोतों के अनुबंध किये गए थे।
तटीय रक्षा एवं निगरानी, खोज व बचाव कार्यों, खुले समुद्र में परिसंपत्तियों की सुरक्षा और समुद्री डकैती रोकने संबंधी मिशनों के लिए लगभग 3000 टन टन भार वाले एनजीओपीवी की परिकल्पना की गई है। इन जहाजों निर्माण कार्यक्रम का शुभारंभ देश के ‘आत्मनिर्भर भारत’ तथा ‘मेक इन इंडिया’ के दृष्टिकोण के अनुरूप स्वदेशी जहाज निर्माण की दिशा में भारतीय नौसेना की भव्यता में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।




