Politics: सांसद गोपाल शेट्टी ने शीतकालीन सत्र में कई अहम मुद्दे उठाए
MP Gopal Shetty raised many important issues in the winter session
विनय महाजन मुंबईआई.ए.एस. और आई.पी.एस की भांति ऑल इंडिया जुडिशियल सर्विस का गठन हो और न्यायपालिका की परीक्षा में देश भर के दूर दराज गांव के होनहार प्रतिभाशाली युवा भाग ले सके।
इसके द्वारा न्यायाधीश, न्यायमूर्ति के पद को देशभर के कई प्रतिभाशाली युवा गौरवान्वित कर सकेंगे सांसद गोपाल शेट्टी ने वर्तमान में चल रहे शीतकालीन लोकसभा सत्र में नियम ३७७ के अंतर्गत यह मुद्दा पेश किया है।
देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के २६ नवंबर को हुए भाषण में ऑल इंडिया ज्यूडिशियल सर्विस का गठन के सुझाव को सांसद गोपाल शेट्टी ने न्यायोचित बताते हुए यह मांग लोकसभा पटल पर नियम ३७७ के अंतर्गत रखी है।
दिनांक १४ दिसंबर २०२३ के सूची में सांसद गोपाल शेट्टी ने मांग रखी है की आई ए एस और आई पी एस के तर्ज पर न्यायालय संबंधी परीक्षाएं होने से देश के दूर दराज इलाकों, क्षेत्रों, गांव से होनहार प्रतिभावान युवा शक्ति इन परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करेगे और न्यायालयों को उच्च कक्षा के बुद्धिमान न्यायमूर्ति प्राप्त होंगे।
शीतकालीन सत्र में सांसद गोपाल शेट्टी ने ६ दिसंबर २०२३ को भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा देश के पुरातन मंदिरों के जीर्ण शीर्ण अवस्था को दुरुस्त करने हेतु नियम ३७७ के अंर्तगत मांग भी की।
ए एस आइ द्वारा मुगल काल या ब्रिटिश काल में जीर्णशीर्ण अवस्था में गई सांस्कृतिक धरोहरों का मूलरूप में पुनः स्थापित कर जतन किया जाए और इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जाएं ऐसी मांग सांसद गोपाल शेट्टी द्वारा रखी गई है।




