मतदाता सूची से नाम हटाने पर राहुल गांधी ने उठाए सवाल, चुनाव आयोग की भूमिका पर चर्चा
नई दिल्ली, 2 अक्टूबर 2026। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में कुछ वर्गों के मतदाताओं के नाम प्रभावित हो रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग की भूमिका, मतदाता अधिकारों और सूची में नामों के सत्यापन की प्रक्रिया पर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
राहुल गांधी ने मतदाता सूची में नामों को हटाए जाने और पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि मतदाता सूची में किसी पात्र नागरिक का नाम हटने से उसके मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है। कांग्रेस की ओर से भी इस विषय पर निष्पक्ष सत्यापन और प्रभावित मतदाताओं को उचित अवसर देने की मांग उठाई जा रही है।
विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन करना और पात्र मतदाताओं का विवरण सत्यापित करना है। इस प्रक्रिया में मतदाताओं के पते, पहचान और अन्य आवश्यक जानकारियों की जांच की जाती है। हालांकि, नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों के बीच अलग-अलग विचार सामने आए हैं।
चुनाव आयोग की जिम्मेदारी मतदाता सूची को सही और अद्यतन बनाए रखना है। किसी मतदाता का नाम सूची से हटाने या उसमें संशोधन करने की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत की जाती है। ऐसे मामलों में संबंधित मतदाता को उपलब्ध शिकायत और सुधार संबंधी प्रक्रियाओं की जानकारी होना भी महत्वपूर्ण है।
इस मुद्दे के बीच मतदाताओं से अपील है कि वे अपनी जानकारी आधिकारिक मतदाता सेवाओं के माध्यम से जांचें। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम सूची में नहीं है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन या शिकायत दर्ज करा सकता है।
राहुल गांधी के आरोपों और चुनाव आयोग की प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों का अंतिम आकलन करने के लिए संबंधित आंकड़ों, आधिकारिक जवाब और प्रभावित मतदाताओं की जानकारी की जांच जरूरी है।




