सत्य निकेतन में पड़ोसी इमारत को ढहाने की कार्रवाई शुरू

दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हाल ही में पांच मंजिला इमारत गिरने से हुए दर्दनाक हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम ने आसपास की असुरक्षित इमारतों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में हादसे वाली इमारत के ठीक बगल में स्थित एक खतरनाक इमारत को नियंत्रित तरीके से ढहाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान इस इमारत को रहने और आसपास के लोगों के लिए जोखिमपूर्ण पाया गया था।

सत्य निकेतन में 6 सितंबर को एक पांच मंजिला इमारत गिर गई थी। इस इमारत में विद्यार्थियों के लिए पेइंग गेस्ट आवास संचालित हो रहा था। हादसे में सात लोगों की मौत हुई, जबकि कई अन्य घायल हुए। घटना के बाद इलाके की दूसरी इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल उठने लगे। नगर निगम ने आसपास की इमारतों का निरीक्षण शुरू किया और जोखिम वाली संरचनाओं को खाली कराने की प्रक्रिया तेज की।

नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि पड़ोसी इमारत की संरचनात्मक स्थिति संतोषजनक नहीं थी। इसे पहले खाली कराया गया और इसके बाद नियंत्रित विध्वंस की प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कमजोर इमारत अचानक गिरकर किसी दूसरे हादसे का कारण न बने। कार्रवाई के दौरान आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था भी बनाए रखी जा रही है।

इस घटना के बाद दिल्ली में पेइंग गेस्ट आवास और निजी छात्रावासों की सुरक्षा को लेकर व्यापक जांच की मांग भी तेज हो गई है। दिल्ली में ऐसे भवनों का संरचनात्मक निरीक्षण कराने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि कमजोर और नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारतों की पहचान समय रहते की जा सके। उच्चतम न्यायालय में भी विद्यार्थियों के आवासों की सुरक्षा जांच का मुद्दा उठा है और देशभर के लिए सुरक्षा दिशा-निर्देश तैयार किए जाने की संभावना जताई गई है।

सत्य निकेतन की कार्रवाई ने राजधानी में पुराने, जर्जर और अनधिकृत निर्माण वाली इमारतों की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है। प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि कार्रवाई केवल हादसे के बाद तक सीमित न रहे, बल्कि खतरनाक इमारतों की पहचान और नियमित जांच की व्यवस्था लगातार लागू की जाए।

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