असम में बाढ़ का संकट गहराया, मृतकों की संख्या बढ़ी, प्रभावित परिवारों के लिए राहत सहायता तेज
असम में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के कई जिलों में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे हजारों गांव जलमग्न हो गए हैं और सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बाढ़ से मृतकों की संख्या में भी वृद्धि हुई है, जबकि बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में निचले इलाकों के गांव शामिल हैं, जहां घरों, सड़कों और कृषि भूमि को भारी नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर संपर्क मार्ग टूट जाने से राहत और बचाव कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने नावों और विशेष बचाव दलों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का अभियान तेज कर दिया है।
बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा की है। राहत शिविरों में भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयां और आवश्यक दैनिक उपयोग की वस्तुएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिन परिवारों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग की टीमों को राहत शिविरों में तैनात किया है ताकि जलजनित बीमारियों के फैलने की आशंका को रोका जा सके।
मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और राज्य आपदा मोचन बल की टीमें भी राहत कार्यों में जुटी हुई हैं।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके मद्देनज़र प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। सरकार का कहना है कि प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।




