नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 में बदलाव, प्रक्रिया होगी अधिक पारदर्शी और सरल
भारत निर्वाचन आयोग ने नए मतदाताओं के पंजीकरण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सटीक और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से फॉर्म-6 में महत्वपूर्ण बदलाव करने की घोषणा की है। फॉर्म-6 वह आवेदन प्रपत्र है, जिसके माध्यम से 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र नागरिक पहली बार मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन करते हैं। आयोग का मानना है कि नए स्वरूप से पात्र नागरिकों का पंजीकरण तेज़ी से होगा और मतदाता सूची की गुणवत्ता भी बेहतर बनेगी।
संशोधित फॉर्म-6 में आवेदकों से आवश्यक जानकारी अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित तरीके से मांगी जाएगी। इसके साथ ही पहचान और निवास संबंधी दस्तावेज़ों के सत्यापन की प्रक्रिया को भी अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, जिससे गलत या दोहराए गए पंजीकरण की संभावना कम हो सके। निर्वाचन आयोग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि आवेदन प्रक्रिया सरल बनी रहे, ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के नागरिक बिना किसी कठिनाई के पंजीकरण करा सकें।
आयोग के अनुसार, डिजिटल सेवाओं को भी इस बदलाव के साथ और मजबूत किया जाएगा। नागरिक ऑनलाइन माध्यम से आवेदन भर सकेंगे, आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड कर सकेंगे तथा अपने आवेदन की स्थिति की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे। इससे कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर कम होंगे और समय की बचत होगी।
निर्वाचन आयोग ने राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को संशोधित व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। साथ ही युवाओं, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों में विशेष जागरूकता अभियान चलाने की भी योजना बनाई गई है, ताकि अधिक से अधिक पात्र युवा मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकें।
विशेषज्ञों का मानना है कि फॉर्म-6 में किए गए ये बदलाव चुनावी प्रक्रिया को और अधिक विश्वसनीय बनाएंगे। इससे मतदाता सूची की शुद्धता बढ़ेगी, फर्जी प्रविष्टियों पर नियंत्रण मिलेगा और लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों की भागीदारी भी मजबूत होगी। निर्वाचन आयोग ने सभी पात्र नागरिकों से समय पर आवेदन कर अपने मताधिकार का उपयोग सुनिश्चित करने की अपील की है।




