1,000 कूड़ा बीनने वाली मशीनों की तैनाती, अधिक इलेक्ट्रिक बसों की खरीद… प्रदूषण रोकने के लिए दिल्ली सरकार को निर्देश

नई दिल्ली। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने मंगलवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वायु गुणवत्ता सुधार को लेकर चल रहे उपायों की समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान मंत्री ने शीत ऋतु के प्रारंभ होने से पहले प्रदूषण के स्तर में पर्याप्त कमी सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कार्यान्वयन, मजबूत अंतर-एजेंसी समन्वय और कड़े प्रवर्तन की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में लोक निर्माण विभाग मंत्री प्रवेश साहिब सिंह और पर्यावरण मंत्री सरदार मंजिंदर सिंह सिरसा शामिल रहे।

केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव ने दिल्ली सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि कार्यान्वयन में पाई गई कमियों को मिशन-आधारित तरीके से दूर किया जाना चाहिए। आने वाले महीने दिल्ली के वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने दिल्ली सरकार से सड़क संबंधित सभी लंबित पुनर्विकास कार्य अक्टूबर माह तक पूरा करने को कहा। उन्होंने दिल्ली सरकार से सड़क सफाई अभियान तेज करने के लिए प्रस्ताव के अनुसार सितंबर 2026 तक 78 बड़ी और मध्यम आकार की एमआरएसएम मशीनों के साथ 1,000 कूड़ा बीनने वाली मशीनों की तैनाती सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।

सार्वजनिक परिवहन और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के विषय पर उन्होंने अधिक इलेक्ट्रिक बसों की खरीद की आवश्यकता पर बल दिया और अक्टूबर 2026 तक चरणबद्ध कार्य योजना के माध्यम से इस कमी को पूरा करने का आग्रह किया। उन्होंने पूरे शहर में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) के सार्वजनिक चार्जिंग बुनियादी ढांचे में तेजी से वृद्धि की आवश्यकता पर भी बल दिया। दिल्ली के मेट्रो नेटवर्क को मजबूत करने और मांग-आपूर्ति के अंतर को पाटने के लिए उन्होंने बहु-मॉडल लास्ट-माइल कनेक्टिविटी में सुधार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

पुराने वाहनों के स्थानांतरण के लिए NOC जारी करने में तेजी लाने का आग्रह
पुराने वाहनों से संबंधित उपायों की समीक्षा करते हुए उन्होंने एनसीआर क्षेत्र से बाहर पुराने वाहनों के स्थानांतरण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने में तेजी लाने का आग्रह किया। उन्होंने अनुरोध किया कि निगरानी और प्रवर्तन को मजबूत करने के लिए सितंबर 2026 तक सभी सीमा प्रवेश बिंदुओं पर स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) कैमरे लगाए जाएं। मंत्री ने कहा कि दिल्ली में 15 क्षेत्रों को सितंबर 2026 तक सिग्नल-मुक्त कॉरिडोर के रूप में चिह्नित और विकसित किया जाए। ताकि भीड़भाड़ और वाहनों के निष्क्रिय रहने से होने वाले उत्सर्जन को कम किया जा सके।

Related Articles

Back to top button