हिंदी में ई-लर्निंग सामग्री लॉन्च कर प्रोफेशनल एसोसिएशन ऑफ़ डाइविंग इंस्ट्रक्टर्स बनी भारत की पहली डाइवर ट्रेनिंग संस्था
भारत के तेजी से उभरते स्कूबा डाइविंग बाज़ार में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए प्रोफेशनल एसोसिएशन ऑफ़ डाइविंग इंस्ट्रक्टर्स (PADI) ने अपने लोकप्रिय शुरुआती कार्यक्रम “डिस्कवर स्कूबा डाइविंग (DSD)” की ई-लर्निंग सामग्री अब हिंदी में जारी कर दी है। इस सुविधा को उपलब्ध कराने वाली यह भारत की पहली डाइवर ट्रेनिंग संस्था बन गई है।
DSD प्रोग्राम उन लोगों के लिए बनाया गया है जो तैराकी नहीं जानते या पहली बार स्कूबा डाइविंग का अनुभव लेना चाहते हैं। हिंदी संस्करण की लॉन्चिंग PADI के उस मिशन का हिस्सा है, जिसके तहत वह भाषा की बाधाओं को हटाकर ज्यादा से ज्यादा भारतीयों को समुद्र की दुनिया से जोड़ना चाहता है।
भारत में अंडमान, लक्षद्वीप, गोवा और पुडुचेरी जैसे डाइविंग स्थलों पर भारतीय पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। लेकिन अब तक ज़्यादातर तकनीकी और सुरक्षा संबंधी जानकारी अंग्रेज़ी में होने के कारण बहुत से लोग डाइविंग करने से हिचकते थे। अब हिंदी में DSD ई-लर्निंग उपलब्ध होने से पहली बार डाइविंग करने वाले लोग अपनी भाषा में सुरक्षा नियम, उपकरणों का उपयोग, बुनियादी स्किल्स और पानी के भीतर संवाद जैसे ज़रूरी विषय आसानी से सीख सकेंगे।
यह ऑनलाइन सामग्री मोबाइल और कंप्यूटर दोनों पर उपलब्ध है। कोर्स पूरा करने के बाद प्रतिभागी अपने नज़दीकी PADI डाइव सेंटर पर प्रशिक्षक की देखरेख में पानी में उतर सकते हैं।
PADI इंडिया के रीजनल मैनेजर विनोद बोंडी कहते हैं:
“स्कूबा डाइविंग हमेशा सबके लिए खुला रहा है। भाषा किसी की भी समुद्री दुनिया देखने की राह में बाधा नहीं बननी चाहिए। अब हिंदी ई-लर्निंग से प्रतिभागियों के लिए ऑनलाइन थ्योरी सीखना पहले से कहीं अधिक आसान और तेज़ हो गया है।”
PADI का यह कदम भारत में जिम्मेदार पर्यटन, समावेशी शिक्षा और महासागर संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
दुनिया के सबसे बड़े उद्देश्य-आधारित डाइविंग संगठन के रूप में PADI के पास 6,600 डाइव सेंटर और रिसॉर्ट्स, 1,28,000 पेशेवर सदस्य और 3 करोड़ से अधिक प्रमाणित डाइवर्स का विशाल वैश्विक नेटवर्क है। अपनी फाउंडेशन PADI AWARE™ के माध्यम से यह संस्था समुद्री संरक्षण के लिए दुनिया भर में अभियान चलाती है और डाइविंग को सुरक्षित, रोमांचक और जागरूक जीवनशैली बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।



