भारत में सपोर्ट पर्सन के लिए पहला सर्टिफिकेट कोर्स: C-LAB की बाल यौन उत्पीड़न मामलों में नई पहल
First Certificate Course for Support Persons in India: C-LAB's new initiative in child sexual abuse cases
नई दिल्ली – बच्चों के यौन शोषण मामलों में न्याय की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से, C-LAB (Center for Legal Action & Behaviour Change for Children) ने भारत का पहला सपोर्ट पर्सन सर्टिफिकेट कोर्स लॉन्च किया है। यह कोर्स बाल यौन शोषण के पीड़ित बच्चों को न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले सपोर्ट पर्सन की प्रशिक्षण संबंधी जरूरत को पूरा करेगा।
📈 क्यों है यह कोर्स ज़रूरी?
भारत में 2019 से 2022 के बीच POCSO एक्ट के तहत मामलों में 300% की बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे यह साफ है कि पीड़ित बच्चों के लिए प्रशिक्षित सपोर्ट पर्सन की भारी कमी है। सुप्रीम कोर्ट ने भी 2023 में यह निर्देश दिया कि हर POCSO पीड़ित के लिए सपोर्ट पर्सन की अनिवार्य नियुक्ति की जाए।
👥 सपोर्ट पर्सन की भूमिका क्या होती है?
सपोर्ट पर्सन एक गाइड, संरक्षक और भावनात्मक सहारा होते हैं। वे:
पीड़ित बच्चों को कानूनी प्रक्रिया समझने में मदद करते हैं
उन्हें चिकित्सकीय और मानसिक सहायता दिलवाते हैं
केस की पूरी प्रक्रिया में उनके सम्मान और गरिमा का ख्याल रखते हैं
बच्चों और उनके परिवारों को समाज की मुख्यधारा में लाने में मदद करते हैं
📚 कोर्स की विशेषताएं:
10 हफ्तों का प्रशिक्षण, जिसमें ऑनलाइन + क्लासरूम लर्निंग
फील्ड वर्क और असाइनमेंट्स के ज़रिए प्रैक्टिकल अनुभव
बाल अधिकार, कानून, मानसिक स्वास्थ्य और संवाद कौशल पर केंद्रित पाठ्यक्रम
पीड़ितों के साथ काम करते समय मनोवैज्ञानिक प्राथमिक सहायता पर विशेष जोर
लीगल, साइकोलॉजिकल और सोशल वर्क क्षेत्र के विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण
💬 संस्थापक और विशेषज्ञों की राय
जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के संस्थापक भुवन ऋभु ने कोर्स के पहले लेक्चर में कहा:
“न्याय सिर्फ फैसला नहीं, बल्कि प्रक्रिया के दौरान बच्चे की गरिमा का सम्मान भी है। सपोर्ट पर्सन पर्दे के पीछे वो ताकत हैं, जो हर पीड़ित को साहस और मार्गदर्शन देते हैं।“
वहीं कोर्स की निदेशक डॉ. संगीता गौड़ ने कहा:
“हमारे हजारों बच्चे आज भी न्याय से वंचित हैं। इस कोर्स का उद्देश्य है कि वे न केवल अपने अधिकारों को जानें, बल्कि उन्हें न्याय भी मिले—सम्मान के साथ।“
🌐 कौन ले सकता है प्रवेश?
सामाजिक कार्यकर्ता
बाल सुरक्षा से जुड़े पेशेवर
NGO या लीगल/मेंटल हेल्थ सेक्टर में कार्यरत लोग
जो कोई भी बच्चों के अधिकार और सुरक्षा के क्षेत्र में काम करना चाहता हो
🛡️ C-LAB और इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन की भूमिका
C-LAB, इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन की एक पहल है, जो बाल यौन शोषण, ट्रैफिकिंग, साइबर शोषण और बाल विवाह जैसे गंभीर अपराधों के खिलाफ सक्रिय रूप से कार्य करता है। यह कोर्स एक और प्रमाण है कि कैसे संगठन बच्चों की आवाज़ बनने की दिशा में ठोस कदम उठा रहे हैं।
📌 निष्कर्ष
C-LAB का यह कोर्स न सिर्फ प्रशिक्षण है, बल्कि यह बच्चों की सुरक्षा और न्याय की ओर एक सशक्त कदम है। अगर यह मॉडल पूरे देश में सफलतापूर्वक लागू होता है, तो यह पीड़ित बच्चों को गरिमा के साथ न्याय दिलाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।





