दोषी बीआरसी के विरुद्ध कार्रवाई के लिए कमिश्रर को फिर भेजेंगे प्रस्ताव

जिले में हुए खेल सामग्री घोटाले का मामला, दैनिक हमारा मैट्रो ने उठाया था सबसे पहले मुद्दा
बड़वानी। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान पिछले वर्ष जिले की बंद शालाओं में लाखों रुपए की अमानक खेल सामग्री वितरण मामला अब तीसरी लहर में एक बार फिर चर्चा में आने लगा है। शनिवार को कलेक्टोरेट में हुई जिला विकास समन्वय व निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में सांसद गजेंद्रसिंह ने जिले के स्कूलों में अमानक खेल सामग्री वितरण मामले में जांच को फिर आंच दी है। उन्होंने इस मामले में दोषी बीआरसी के विरुद्ध उचित कार्रवाई के लिए फिर से प्रस्ताव बनाकर इंदौर कमिश्रर को भेजने और अमानक खेल सामग्री सप्लाय करने वाली मुख्य फर्म के विरुद्ध भी कार्रवाई के निर्देश दिए।
इस मामले को सबसे पहले दैनिक हमारा मैट्रो ने प्रमुखता से उठाया था। उसके बाद प्रशासन ने जांच शुरु करवाई थी। बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर में जब स्कूलों का संचालन बंद था। तब आपदा का अवसर पाते हुए जिले के प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में करीब पौने दो करोड़ रुपए की अमानक खेल सामग्री खपा दी गई। पिछले वर्ष जून माह में जब इसकी परतें खुली तो कलेक्टर ने स्थानीय स्तर पर टीम बनाकर जांच शुुरु करवाई। इस दौरान सहायक संचालक क्रीड़ा इंदौर ने भी जिले के कुछ स्कूलों में पहुंचकर खेल सामग्री की जांच की। आखिर जांच उपरांत कलेक्टर ने बड़वानी बीआरसी को निलंबित किया। वहीं शेष जिम्मेदारों पर कार्रवाई के लिए इंदौर कमिश्रर को प्रस्ताव भेजा था। हालांकि उसके बाद यह मामला ठंडे बस्ते में समा गया। अब फिर लोकसभा सांसद ने इस मामले को फिर से इंदौर कमिश्रर के समक्ष भेजने के निर्देश दिए है। जानकारी के अनुसार प्राथमिक विद्यालयों में 5 हजार रुपए की और माध्यमिक विद्यालयों में 10 हजार रुपए की खेल सामग्री वितरित की गई। इस दौरान बड़ा सवाल यही था कि कोरोना महामारी में जब स्कूलों का संचालन  बंद था, तो खेल सामग्री खरीदी का क्या औचित्य था?
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आरईएस ईई को नोटिस जारी
बैठक में सांसद पटेल ने विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यांे की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिए। जिले में प्रधानमंत्री के प्राकृतिक खेती के तहत एक-एक हजार हैक्टेयर के सात क्लस्टर बनाने और इससे किसानों को जोडऩे तथा राशन की कालाबाजारी रोकने के लिए राशन दुकानों का सतत निरीक्षण करने के निर्देश दिए। जबकि बैठक से अनुपस्थित रहने पर आरईएस के कार्यपालन यंत्री को शोकाज नोटिस जारी करने के भी निर्देश दिए। इसी तरह शासन की योजना अनुसार जिले के सभी आश्रम, छात्रावासों, आंगनवाडिय़ों में विद्युत मीटर लगवाने, जिले के विद्युत विहीन मजरे-टोलों के प्रस्ताव बनाने, जिन ग्रामों स्टेडियम बने है, वहां अगले माह तीरंदाजी की प्रतियोगिता का आयोजन करवाने आदि निर्देश दिए। जबकि सीएमएचओ से कहा कि जिला चिकित्सालय में सिकलसेल की जांच सुविधा के माध्यम से प्रभावित रोगियों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाकर वितरित करवाए। ताकि उन्हें निशुल्क स्वास्थ्य सुविधा और पेंशन का लाभ मिलने लगे।

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