कैंसर की दवाओं की खाली शीशियों के सुरक्षित निस्तारण के निर्देश, दिल्ली सरकार ने अस्पतालों को जारी किए नए दिशा-निर्देश
दिल्ली सरकार ने राजधानी के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को कैंसर उपचार में उपयोग होने वाली दवाओं की खाली शीशियों के सुरक्षित निस्तारण को सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। इस कदम का उद्देश्य इन शीशियों के संभावित दुरुपयोग को रोकना, मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि कैंसर की दवाओं की खाली शीशियां भी संवेदनशील चिकित्सीय अपशिष्ट की श्रेणी में आती हैं और उनका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाना आवश्यक है।
सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में अस्पतालों को कहा गया है कि दवा के उपयोग के तुरंत बाद खाली शीशियों को निर्धारित जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट कंटेनरों में सुरक्षित रूप से एकत्र किया जाए। इसके बाद अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से उनका निस्तारण निर्धारित मानकों के अनुसार कराया जाए। अस्पतालों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि कोई भी खाली शीशी खुले में न छोड़ी जाए और न ही उसे सामान्य कचरे के साथ फेंका जाए।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार कुछ मामलों में खाली शीशियों का अवैध रूप से पुनः उपयोग किए जाने या नकली दवाओं के कारोबार में इस्तेमाल होने की आशंका रहती है। ऐसे मामलों को रोकने के लिए अस्पतालों को शीशियों को नष्ट करने या उपयोग के बाद उन्हें इस प्रकार अनुपयोगी बनाने के निर्देश दिए गए हैं कि उनका दोबारा इस्तेमाल संभव न हो। साथ ही सभी अस्पतालों से नियमित अभिलेख रखने और अपशिष्ट प्रबंधन प्रक्रिया की निगरानी करने को भी कहा गया है।
सरकार ने अस्पताल प्रशासन से चिकित्सकों, नर्सों, फार्मासिस्टों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट प्रबंधन के नियमों के बारे में नियमित प्रशिक्षण देने का भी आग्रह किया है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षित अपशिष्ट प्रबंधन न केवल पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक है, बल्कि मरीजों, स्वास्थ्य कर्मियों और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर निरीक्षण किए जाएंगे। यदि किसी अस्पताल में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है। सरकार का लक्ष्य राजधानी में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और जिम्मेदार बनाना है।




