दिल्ली के 44 पुराने फ्लाईओवरों का होगा स्ट्रक्चरल ऑडिट, सुरक्षा को लेकर PWD का बड़ा फैसला

राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक सुरक्षा को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग (PWD) ने 44 पुराने फ्लाईओवरों का विस्तृत स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने का निर्णय लिया है। यह कदम शहर के बढ़ते यातायात दबाव और पुराने हो चुके बुनियादी ढांचे की स्थिति का आकलन करने के लिए उठाया गया है। अधिकारियों का मानना है कि समय-समय पर होने वाली तकनीकी जांच से संभावित खतरों की पहचान कर समय रहते आवश्यक मरम्मत और रखरखाव किया जा सकेगा।

PWD के अनुसार, जिन फ्लाईओवरों का ऑडिट किया जाएगा, उनमें कई ऐसे पुल और फ्लाईओवर शामिल हैं जो 15 वर्ष या उससे अधिक पुराने हैं। इन संरचनाओं पर प्रतिदिन लाखों वाहन गुजरते हैं, जिसके कारण उनकी मजबूती और सुरक्षा का नियमित मूल्यांकन आवश्यक हो गया है। ऑडिट के दौरान विशेषज्ञ इंजीनियर फ्लाईओवरों की संरचनात्मक स्थिति, कंक्रीट और स्टील की गुणवत्ता, भार वहन क्षमता, दरारों तथा अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच करेंगे।

अधिकारियों ने बताया कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य किसी भी संभावित जोखिम की पहचान कर उसे समय रहते दूर करना है। यदि किसी फ्लाईओवर में कमजोरी या क्षति पाई जाती है तो उसकी मरम्मत, पुनर्निर्माण या अन्य आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। इससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को भी सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि महानगरों में पुराने पुलों और फ्लाईओवरों का नियमित स्ट्रक्चरल ऑडिट अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इससे संरचनाओं की वास्तविक स्थिति का पता चलता है और दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सकता है।

दिल्ली सरकार ने भी इस पहल को नागरिक सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। आने वाले महीनों में ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्य योजनाएं तैयार की जाएंगी। इस निर्णय से राजधानी के लाखों यात्रियों को सुरक्षित और बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही यह कदम शहर के बुनियादी ढांचे के दीर्घकालिक रखरखाव और मजबूती सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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