AAP नेता सागर रबारी और मुख्य प्रवक्ता डॉ. करन बारोट की प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित हुई
भाजपा की कूटनीति को उजागर करने के लिए AAP प्रदेश महामंत्री सागर रबारी और प्रदेश मुख्य प्रवक्ता डॉ. करन बारोट की प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी। पत्रकारों को संबोधित करते हुए आप नेता सागर रबारी ने कहा कि गुजरात में लोकतंत्र की नींव समान स्थानीय स्वराज चुनाव की घोषणा हो चुकी है और वर्तमान में फॉर्म भरने की प्रक्रिया चल रही है। गुजरात को विकास और भ्रष्टाचारमुक्त गुजरात के सपने दिखाकर मतदाताओं को छलकर और सत्ता प्राप्त करने वाली भारतीय जनता पार्टी सत्ता मिलने के बाद घोटालों और कमीशन में इतनी अधिक लिप्त हो गई है कि अब उसे मतदाताओं के सामने जाने से डर लगता है। मतदाताओं तक पहुंचने में डर लगता है। भारतीय जनता पार्टी घबराई हुई है। चुनाव घोषित होने से पहले आम आदमी पार्टी के 100 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को झूठे मामलों में फंसाया गया। इसके बावजूद आम आदमी पार्टी मजबूती से लड़ती रही, मैदान में लोगों के बीच रही और जिस प्रकार लोगों का प्रतिसाद मिला उसके कारण भारतीय जनता पार्टी और अधिक घबराती जा रही है। जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं वैसे-वैसे उसे सत्ता खिसकती दिखाई दे रही है। कल दक्षिण गुजरात में एक चुनाव अधिकारी मामलतदार को आत्महत्या करनी पड़ी, वहां तक का अत्याचार वे न केवल राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं, उम्मीदवारों और समर्थकों पर कर रहे हैं, बल्कि सरकारी कर्मचारियों जो वर्तमान में चुनाव ड्यूटी पर हैं, उन पर भी इस हद तक दबाव डाल रहे हैं कि व्यक्ति को अंततः ऐसा कदम उठाना पड़े। कल और परसों थराद जिले में भरोल सीट पर हमारे दो मेंडेट गए थे। मेंडेट पर हस्ताक्षर करने वाला अधिकृत व्यक्ति वहां स्वयं गया, तीन सौ रुपये के स्टाम्प पर एफिडेविट देकर बयान प्रस्तुत किया और इसके बावजूद अधिकृत व्यक्ति जिसे सही बता रहा है, उस मेंडेट के साथ छेड़छाड़ कर चुनाव अधिकारी ने गलत आदेश दिया। चुनाव अधिकारी के चेहरे पर लाचारी, हो रहा दबाव और भविष्य में उन पर कानूनी रूप से आने वाली समस्याएं सब कुछ साफ दिखाई देता है और फिर भी उसे मजबूरीवश गलत आदेश देना पड़ता है। इस हद तक भारतीय जनता पार्टी वर्तमान में चुनाव प्रक्रिया को बाधित कर रही है।
AAP नेता सागर रबारी ने आगे कहा कि लोकतंत्र की नींव स्थानीय स्वराज संस्थाएं हैं। भाजपा ने बत्तीस वर्षों से अधिक गुजरात में सत्ता भोगी है और बत्तीस वर्षों के शासन के बाद काम के नाम पर वोट मांगने के बजाय अब उम्मीदवारों को डराना पड़ता है, धमकाना पड़ता है, लालच देना पड़ता है और उनके खिलाफ चुनाव लड़ने वाले सभी उम्मीदवारों, विशेषकर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों, जिन्हें लोगों का अधिकाधिक समर्थन मिल रहा है, उन पर दबाव बढ़ाया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी को मैं आपके माध्यम से स्पष्ट कहना चाहता हूं कि जो आपको दिखाई देता है वही हमें भी दिखाई देता है। आपको स्थानीय स्वराज में खिसकती सत्ता के बाद जीवन का शेष भाग जेल में दिखाई देता है। हमें भी पता है कि आप सत्ता के लिए इतनी बेचैनी क्यों दिखा रहे हैं। आप जानते हैं कि आपने जो घोटाले किए हैं, आपने जो गुजरात के लोगों के साथ अन्याय किया है, आपने जो कॉन्ट्रैक्टों में कमीशन खाया है, उसका अंतिम परिणाम जेल है। इसलिए किसी भी प्रकार से आप सत्ता बनाए रखना चाहते हैं। आज आप उम्मीदवारों पर दबाव डाल रहे हैं, भविष्य में आप मतदाताओं पर भी दबाव डाल सकते हैं। मतदाताओं को भी जागने का समय है कि आज जो लोग सत्ता के बल पर उम्मीदवारों को डराने, धमकाने, लालच देने की कोशिश करते हैं, उम्मीदवारों को समर्थन वापस लेने के लिए मजबूर करते हैं, पुलिस को आगे करते हैं, एलसीबी के जवान उम्मीदवारों को फोन करके लालच देते हैं, धमकाते हैं, फॉर्म वापस लेने का दबाव करते हैं। हमारे उम्मीदवार से कहते हैं कि आपके खेत में 600 पेटी शराब उतरी है इसलिए आप पुलिस स्टेशन आ जाइए। और भाई, छह सौ पेटी शराब उतरी है तो जाकर जब्त करो, उम्मीदवार को पुलिस स्टेशन क्यों बुलाते हो? कोई शराब नहीं उतरी, शराब से कोई लेना-देना नहीं, शराब के नाम पर डराकर पुलिस स्टेशन बुलाकर विदड्रॉल फॉर्म पर हस्ताक्षर करवाने की पूरी साजिश थी। सूरत के हमारे उम्मीदवार वार्ड नंबर अठारह के उम्मीदवार गौतम पटेल और उनके परिवार को रातभर डराया, धमकाया, रोके रखा, सुबह मजबूरी में नेता रजनीकांत वाघाणी और अन्य लोगों को जाकर उन्हें छुड़वाना पड़ा। कच्छ के रापर में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार भणाभाई मकवाणा को हाथ-पैर तोड़ने और जान से मारने की धमकी दी गई। मेहसाणा के विसनगर में सुरिबेन प्रजापति को मानसिक प्रताड़ना देकर डराया-धमकाया गया और उनके बेटे पर हमला किया गया। अहमदाबाद के वार्ड नंबर 22 के उम्मीदवार भावेश काकड़िया को पैसे ऑफर किए गए। सूरत के सभी उम्मीदवारों को परेशान किया जा रहा है, पैसे ऑफर किए जा रहे हैं, धंधे बंद कर देंगे ऐसा डर दिखाया जा रहा है और साथ ही वार्ड नंबर तीन के उम्मीदवार को दो वर्ष पुराने झूठे केस में पुलिस पकड़कर ले गई है।
AAP नेता सागर रबारी ने आगे कहा कि वर्तमान में किसी भी शिकायत का कोई परिणाम नहीं मिल रहा है। मेहसाणा जिले में प्राचीबेन आशिषकुमार पटेल पर सामाजिक दबाव बनाकर फॉर्म वापस करवाया गया। थराद में हमने एफिडेविट के साथ प्रस्तुति करने के बावजूद कोई परिणाम नहीं मिला, गलत को सही और सही को गलत किया गया है। इसलिए भाजपा जानती है कि स्थानीय स्वराज चुनाव में उसे वोट मिलने की कोई संभावना नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रवेश करना उसके लिए कठिन है, कार्यकर्ताओं को केस पहनाकर गांव में प्रवेश करने में सुरक्षा नहीं दिखती, मतदाताओं में इतना अधिक आक्रोश है। तब एक ही उपाय बचता है कि प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों को मैदान से हटा दिया जाए और निर्विरोध हो जाया जाए। यह निर्विरोध होने के लिए किए जा रहे प्रयास हैं, घोटाले, कमीशन और भ्रष्टाचार बनाए रखने के प्रयास हैं, सत्ता खिसक जाने पर जेल में जाने के डर से बचने के प्रयास हैं। आपके माध्यम से मैं गुजरात के मतदाताओं को आश्वासन देना चाहता हूं कि भाजपा की सभी प्रकार की योजनाओं के खिलाफ, उसके दबाव और लालच के सामने आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार मजबूती से लड़ेंगे, पूरी ताकत से मुकाबला करेंगे। मतदाताओं के लिए इस आने वाली गुलामी को पहचानकर भाजपा के लक्षण समझते हुए भाजपा को अपने वोट से करारा जवाब देने का यह सुनहरा अवसर है। पांच वर्षों में मिली इस अवसर को मतदाता स्वीकार करें और भाजपा के विरुद्ध वोट रूपी तमाचा उसके गाल पर ऐसा मारें कि उसकी निशानी भाजपा को वर्षों तक याद रहे।




