पंजाब में महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 1000 रुपए, रजिस्ट्रेशन शुरु; CM मान का ऐलान- जिस दिन फॉर्म भरा, उसी दिन से पैसा पक्का
आदमपुर : पंजाब की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को राज्य में ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ का शानदार आगाज हो गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जालंधर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान इस महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ किया। इस खास मौके पर सीएम मान ने अपने हाथों से पांच लाभार्थी महिलाओं दीक्षा कौर, सिमरन, अमरजीत कौर, हरबंस कौर और नीशा को योजना के सर्टिफिकेट भी सौंपे। इस योजना के तहत राज्य की महिलाओं को हर महीने सम्मान राशि प्रदान की जाएगी, जिसके लिए मान सरकार ने 9300 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट तय किया है।

9 विधानसभा हलकों में कल से शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट
योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया गया कि 15 अप्रैल से राज्य के 9 विधानसभा हलकों में इसका पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। इन हलकों में आदमपुर, मलोट, श्री आनंदपुर साहिब, दिड़बा, सुनाम, मोगा, कोटकपूरा, बटाला और पटियाला देहाती को शामिल किया गया है। इसके बाद 15 मई से पंजाब के बाकी बचे 108 हलकों में भी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया विधिवत रूप से शुरू कर दी जाएगी। सरकार की रूपरेखा के अनुसार, जुलाई महीने से जनरल वर्ग की महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने 1000 रुपये और अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की महिलाओं के खातों में 1500 रुपये की सम्मान राशि आनी शुरू हो जाएगी।
देरी की चिंता न करें, योजना के पहले दिन से मिलेगा पूरा पैसा
कार्यक्रम में मौजूद भारी भीड़ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने महिलाओं को पक्का भरोसा दिलाया कि कार्ड बनने या रजिस्ट्रेशन में देरी होने पर उन्हें बिल्कुल भी घबराने की जरूरत नहीं है। महिलाओं का पैसा उसी दिन से जोड़ा जाएगा जब से यह स्कीम शुरू हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन महिलाओं का जाति प्रमाण पत्र बनने में देरी हो रही है, वे भी बिना झिझक अपना रजिस्ट्रेशन करवा लें। जैसे ही उनका सर्टिफिकेट बनकर आ जाएगा, तो उनके खाते में अतिरिक्त 500 रुपये भी आने शुरू हो जाएंगे। इसके साथ ही सीएम ने महिलाओं से सक्रिय राजनीति में आने की अपील की। बाबा साहेब अंबेडकर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा शेरनी का दूध है, अब महिलाओं को शेरनी बनकर दहाड़ने की जरूरत है, वरना हमेशा संघर्ष ही करना पड़ेगा।
विरोधियों पर तीखा प्रहार
अपने संबोधन के दौरान सीएम मान ने कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा पर जमकर सियासी तीर छोड़े। उन्होंने विपक्षी दलों पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि इन नकली चारे वालों से बचकर रहना चाहिए, क्योंकि इनका एजेंडा सिर्फ अपने परिवार को पालना है और इन्होंने हमेशा आम जनता को कीड़े-मकौड़े ही समझा है। अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल की ‘पंजाब बचाओ रैली’ पर करारा तंज कसते हुए मान ने कहा कि पता नहीं ये किससे पंजाब बचाने निकले हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष कभी नहीं चाहता कि गरीबों के बच्चे अफसर बनें, इसलिए वे युवाओं को भैंस देने और ताश (सीप) खेलने पर ईनाम देने जैसी अजीबोगरीब बातें करते हैं ताकि लोग उसी में उलझे रहें।
सोने का चम्मच लेकर पैदा होने वाले क्या जानेंगे इस पैसे की अहमियत
सीएम मान ने विरोधियों पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग सोने के बिस्कुट और सोने का चम्मच लेकर पैदा हुए हैं, वे इस 1000 और 1500 रुपये की अहमियत कभी नहीं समझ सकते। अमीर नेताओं के लिए यह रकम कोई मायने नहीं रखती क्योंकि वे एक ही दिन में बड़े होटलों में जाकर दस हजार रुपये का खाना खा जाते हैं। लेकिन एक गरीब और आम परिवार के लिए जब यह पैसा घर में आएगा, तो उसका बहुत बड़ा फायदा मिलेगा। मान ने कहा कि जहां अकाली दल की स्टेज पर केवल मुख्यमंत्री की कुर्सी हथियाने की बात होती है, वहीं हमारी सरकार की सोच लोगों को अच्छी शिक्षा, रोजगार, बेहतरीन इलाज और पक्की सड़कें देने की है।




