‘नागरिक प्रथम’ मंत्र को अपनाने की आवश्यकता’, पीएम मोदी का सुशासन के लिए बड़ा संदेश

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को ‘नागरिक प्रथम’ मंत्र को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि नागरिकों के जीवन को सुगम बनाने के लिए तेजी से बदलते समय के साथ शासन व्यवस्था को निरंतर अपडेट करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि आज देश के प्रशासन का मूल मंत्र ‘नागरिक देवो भव:’ है और सार्वजनिक सेवा को नागरिकों की आवश्यकताओं के प्रति अधिक सक्षम और संवेदनशील बनाने के लिए पुनर्गठित किया जा रहा है।

पीएम मोदी ने ‘साधना सप्ताह’ कार्यक्रम की शुरुआत पर एक वीडियो संदेश में कहा, ‘शासन को अब सही मायने में नागरिक केंद्रित बनाकर एक नई पहचान दी जा रही है।’

उन्होंने कहा कि नागरिकों के जीवन की सुगमता और गुणवत्ता में सुधार के लिए शासन व्यवस्था ही मानदंड होनी चाहिए। उन्होंने लोक सेवकों से प्रतिदिन कुछ नया सीखने का आग्रह किया और कहा, ‘हमारी शासन व्यवस्था यह सुनिश्चित करे कि नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में दिन-प्रतिदिन सुधार हो। यही हमारा सच्चा मानदंड है।’

 

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