अमित शाह से मिले राणा सोढ़ी, सरहदी किसानों को मिलेगा जमीन का मालिकाना हक; वंदे भारत को लेकर भी बड़ी तैयारी
नई दिल्ली : पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में ‘जीरो लाइन’ और डिफेंस वायर (तार) के पार खेती करने वाले हजारों किसानों के लिए एक बड़ी खबर सामने आ सकती है। इन किसानों को उनकी जमीनों का मालिकाना हक दिलाने की पुरानी मांग को लेकर पंजाब के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी के नेतृत्व में एक विशेष प्रतिनिधिमंडल ने आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अहम मुलाकात की है। इस दौरान गृह मंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया है, जिसमें किसानों के हकों के साथ-साथ सीमावर्ती जिलों के विकास से जुड़े कई बड़े और अहम मुद्दे उठाए गए हैं।

अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष ने दिया ये बड़ा आश्वासन
इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी विशेष रूप से मौजूद रहे। दोनों शीर्ष नेताओं ने पंजाब से गए इस प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगों को बेहद ध्यान और धैर्य से सुना। उन्होंने रणनीतिक लिहाज से बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण पंजाब के इन सीमावर्ती जिलों की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए उनके उचित समाधान का पूरा भरोसा दिया है। इसके साथ ही नितिन नवीन ने जल्द ही पंजाब का दौरा करने का भी वादा किया है। इस प्रतिनिधिमंडल में अरोड़ा खत्री समाज से अनीश सिडाना, राय सिख समुदाय से हंसा सिंह कामरेड, भाजपा नेता पूरन चंद, बाबा बलविंदर सिंह, पूर्व जिला परिषद सदस्य देवेंद्र जंग और ओबीसी नेता पुरुषोत्तम कुमार जैसे कई प्रमुख चेहरे शामिल थे। राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी ने बैठक में स्पष्ट किया कि पंजाब सिर्फ एक सीमावर्ती राज्य नहीं है, बल्कि यह देश की राष्ट्रीय और खाद्य सुरक्षा के मोर्चे पर सबसे आगे खड़ा है, इसलिए यहां के लोगों को समयबद्ध नीतियों का लाभ मिलना ही चाहिए।
दशकों से खेती कर रहे किसानों के सम्मान और न्याय की लड़ाई
गृह मंत्री के सामने सबसे बड़ा और प्रमुख मुद्दा उन हजारों किसानों का उठाया गया, जो दशकों से डिफेंस वायर और जीरो लाइन के पार अपनी जमीन जोत रहे हैं। सोढ़ी ने कड़े शब्दों में मांग की कि इन किसानों को तुरंत उनकी जमीनों का मालिकाना हक दिया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि मालिकाना हक न होने के कारण ये किसान हमेशा एक अनिश्चितता और डर के साये में जीने को मजबूर रहते हैं। सोढ़ी ने कहा कि इन किसानों को जमीन का मालिकाना हक देना सरकार का केवल कोई नीतिगत फैसला नहीं होगा, बल्कि यह उनके सम्मान और न्याय से जुड़ा एक बेहद जरूरी कदम है।
वंदे भारत एक्सप्रेस, हाईवे और रोजगार को लेकर भी उठा मुद्दा
किसानों के मालिकाना हक के अलावा इस ज्ञापन में फिरोजपुर-फाजिल्का रोड को फोर-लेन करने और इसे नेशनल हाईवे घोषित करने की भी पुरजोर मांग की गई है। सोढ़ी ने कहा कि रक्षा वाहनों की भारी आवाजाही के कारण आम जनजीवन काफी प्रभावित होता है, इसलिए लॉजिस्टिक तैयारियों को मजबूत करने के लिए इस सड़क का अपग्रेडेशन बेहद जरूरी है। इसके साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हुसैनीवाला चेक पोस्ट को व्यापार और यात्रा के लिए फिर से खोलने की जोरदार वकालत की गई है, ताकि इस इलाके की अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिले और स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल सके।
इसके अलावा सीमावर्ती जिलों को बाढ़ के कहर से बचाने के लिए तटबंधों (बंधों) को मजबूत करने और खुंदर गट्टी को सीधे फिरोजपुर शहर से जोड़ने के लिए एक पुल बनाने की भी मांग रखी गई है, ताकि बुजुर्गों और आम लोगों को लंबा सफर न तय करना पड़े। इलाके में फैले नशे और बेरोजगारी के मुद्दे पर सोढ़ी ने कहा कि यहां औद्योगिक विकास बेहद जरूरी है। इसके लिए केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) और निजी निवेश को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सोढ़ी ने फाजिल्का से श्री मुक्तसर साहिब और बठिंडा होते हुए नई दिल्ली तक एक नई ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ ट्रेन चलाने का भी शानदार प्रस्ताव गृह मंत्री के सामने पेश किया है।




