LPG गैस की कमी से छोटे दुकानदारों पर संकट, कारोबार पर पड़ा असर

देश के कई शहरों में इन दिनों कमर्शियल LPG गैस सिलेंडरों की कमी देखने को मिल रही है, जिसका सबसे ज्यादा असर छोटे दुकानदारों और स्ट्रीट फूड कारोबारियों पर पड़ रहा है। चाय-नाश्ते की दुकानों, ढाबों, छोटे होटल और फास्ट-फूड स्टॉल चलाने वाले लोगों का कहना है कि गैस सिलेंडर समय पर नहीं मिलने से उनका रोज़गार प्रभावित हो रहा है।

व्यापारियों के अनुसार पहले गैस एजेंसियों से आसानी से सिलेंडर मिल जाते थे, लेकिन अब कई जगहों पर लंबी कतारें लग रही हैं और डिलीवरी में देरी हो रही है। कई छोटे दुकानदारों को एक सिलेंडर खत्म होने के बाद दूसरा सिलेंडर तुरंत नहीं मिल पा रहा है, जिससे उन्हें अपने काम के घंटे कम करने पड़ रहे हैं या दुकान बंद करनी पड़ रही है।

इस समस्या का असर बड़े शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक देखा जा रहा है। होटल और रेस्टोरेंट कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि गैस की कमी के कारण उन्हें अपने मेन्यू सीमित करने पड़े हैं और कई जगहों पर अस्थायी रूप से काम भी बंद करना पड़ा है।

कुछ दुकानदार अब वैकल्पिक उपाय अपनाने को मजबूर हो गए हैं। कई जगहों पर लोग इंडक्शन चूल्हे, लकड़ी की भट्ठी या कोयले के चूल्हे का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि कारोबार चलता रहे। हालांकि इन विकल्पों से लागत बढ़ रही है और काम भी पहले की तरह आसान नहीं रह गया है।

विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में बाधा के कारण गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका असर भारत के कई शहरों में भी देखने को मिल रहा है।

सरकार और तेल कंपनियों का कहना है कि घरेलू LPG की सप्लाई को प्राथमिकता दी जा रही है और स्थिति को सामान्य बनाने के लिए उत्पादन और आयात बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

कुल मिलाकर, LPG गैस की कमी ने छोटे दुकानदारों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो हजारों छोटे व्यवसायों की आजीविका पर असर पड़ सकता है।

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