अरावली विवाद पर Supreme Court ने स्वत: लिया संज्ञान, CJI की अध्यक्षता में 3 जजों की बेंच आज करेगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट अरावली रेंज की नई परिभाषा पर स्वत: संज्ञान लेकर फिर से सुनवाई करेगा। पर्यावरणविदों को चिंता है कि 100 मीटर ऊंचाई के मानदंड पर आधारित यह परिभाषा अरावली के बड़े हिस्से को खनन के लिए खोल देगी। सीजेआई की अध्यक्षता वाली पीठ सोमवार को इस मामले पर सुनवाई करेगी। पहले कोर्ट ने नई खनन लीज पर रोक लगाई थी, लेकिन अब परिभाषा पर विवाद गहरा गया है, जिससे जल और खाद्य सुरक्षा पर गंभीर असर की आशंका है।

सीजेआई के अलावा इस पीठ में न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी और आगस्टीन जार्ज भी हो सकते हैं। विवाद की जड़ केंद्र द्वारा अरावली पर्वतमाला की वह नई परिभाषा है, जो 100 मीटर ऊंचाई के मानदंड पर आधारित है। पर्यावरणविदों का कहना है कि इस एकरूप मानदंड के कारण हरियाणा, राजस्थान और गुजरात में फैली प्राचीन अरावली श्रृंखला के लगभग 90 प्रतिशत हिस्से को ‘अरावली’ की श्रेणी से बाहर किया जा सकता है, जिससे वहां खनन गतिविधियों का रास्ता साफ हो जाएगा।




