डॉ. अशोक मित्तल ने बाढ़ पीड़ित परिवारों को दी स्थायी नौकरियां

Dr. Ashok Mittal provided permanent jobs to flood-affected families

पंजाब की हालिया विनाशकारी बाढ़ में जिन्होंने अपनों को खोया, उनके आंसुओं को आशा में बदलने का काम किया है राज्यसभा सांसद और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) के चांसलर डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने।

5 सितंबर को किए गए वादे को निभाते हुए, डॉ. मित्तल ने बाढ़ से प्रभावित परिवारों को एलपीयू में स्थायी नौकरी देकर उनके जीवन को एक नई दिशा दी है। इन नियुक्तियों से परिवारों को न सिर्फ आर्थिक सहारा मिलेगा, बल्कि सम्मानजनक जीवन जीने की नयी राह भी खुलेगी।


🎙 डॉ. मित्तल बोले:

“जिन ज़िंदगियों को हम खो चुके हैं, उन्हें लौटाया नहीं जा सकता।
लेकिन इन परिवारों को स्थिरता, सुरक्षा और सम्मान दिलाकर
हम उनके जीवन को दोबारा संवार सकते हैं।
यह सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है।”


👨‍👩‍👧‍👦 जब उम्मीद ने दस्तक दी — लाभार्थियों की आपबीती

💬 दीपिका (पुराना भंगल, मुकेरियां):

“बाढ़ में माँ और घर दोनों चले गए। छोटे भाई-बहनों की जिम्मेदारी अचानक मेरे कंधों पर आ गई।
एलपीयू की इस नौकरी ने हमें टूटने से बचा लिया। अब एक नई शुरुआत हो रही है।”

💬 गगन (जुगीयाल, पठानकोट):

“पत्नी की मौत और घर तबाह होने के बाद मैं टूट गया था।
यह नौकरी दर्द तो नहीं मिटा सकती,
लेकिन अब मैं अपने माता-पिता को सम्मान से संभाल पा रहा हूँ।”


🏛 समाज के लिए एक मिसाल

डॉ. मित्तल पहले भी मुख्यमंत्री राहत कोष में ₹20 लाख का योगदान दे चुके हैं और वे लगातार पंजाब सरकार के राहत कार्यों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहे हैं।
उन्होंने पुनर्वास कार्यों में कॉरपोरेट्स, समाजसेवियों और समुदायिक नेताओं से भी आगे आने की अपील की।

“जब कोई आपदा आती है, तो समाज को मिलकर उसका जवाब देना चाहिए।
यह पहल इसी सोच का नतीजा है — कोई भी अकेला न रहे।”


🌟 यह सिर्फ पुनर्वास नहीं, पुनर्निर्माण है

एलपीयू की यह पहल दर्शाती है कि शिक्षण संस्थान सिर्फ शिक्षा ही नहीं, बल्कि समाज के निर्माण में भी अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं। यह कदम केवल राहत का नहीं, बल्कि सम्मानजनक पुनर्निर्माण का प्रतीक है।


📢 यदि यह पहल आपको प्रेरित करती है, तो इसे आगे शेयर करें।

क्योंकि एक अच्छी शुरुआत, कई ज़िंदगियाँ बदल सकती है।

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