Tejashwi Prasad Yadav का आरोप: बिहार में बाहरी लोगों को वोटर बना रही है भाजपा, आयोग पर भी उठाये सवाल

पटना: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और विरोधी दल के नेता  ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाते हुये आज कहा है कि बिहार में भाजपा बाहरी लोगों को वोटर बनाकर मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी कर रही है। विरोधी दल के नेता श्री यादव ने दावा किया है कि भाजपा के बिहार संगठन मंत्री भीखुभाई दलसानिया, जो मूल रूप से गुजरात के निवासी हैं, हाल ही में पटना के मतदाता बन गये हैं, जबकि उन्होंने वर्ष 2024 में गुजरात में मतदान किया था।

Tejashwi Prasad Yadav

उन्होंने पटना में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि, गुजराती लोग अब बिहार के वोटर बन रहे हैं। भाजपा के प्रभारी भीखुभाई दलसानिया ने गुजरात की मतदाता सूची से नाम कटवाकर पटना में नाम जुड़वाया है। यहां वोटिंग खत्म होने के बाद वो किसी और राज्य में वोटर बन सकते हैं। यादव ने दस्तावेजी सबूत दिखाते हुये यह भी आरोप लगाया कि मुजफ्फरपुर की महापौर और भाजपा नेता निर्मला देवी के पास एक ही विधानसभा क्षेत्र में दो अलग- अलग ईपिक (मतदाता फोटो पहचान पत्र) नंबर हैं, जो चुनावी कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने बताया कि निर्मला देवी का नाम मुजफ्फरपुर विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या- 257 और बूथ संख्या- 153 दोनों में ही दर्ज है, जिसमें उनकी आयु 48 और 45 वर्ष बताई गई है।

नेता विरोधी दल श्री यादव ने कहा कि महापौर के दो देवर दिलीप कुमार और मनोज कुमार के पास भी दो- दो वोटर आईडी हैं। उन्होंने इसे एक संगठित धोखाधड़ी बताते हुए आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव आयोग की मिलीभगत से वोट चुराने की रणनीति पर काम कर रही है। संवाददाता सम्मलेन में उन्होंने चुनाव आयोग पर भी गंभीर सवाल उठाये और आरोप लगाया कि पहले भाजपा ने चुनाव को प्रभावित करने के लिए सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग का दुरुपयोग किया और अब चुनाव आयोग का इस्तेमाल कर रही है।

श्री यादव ने दावा किया है कि 2020 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने धांधली कर राजद के कम से कम 10 सीटें चुरा लीं, जिनमें से कुछ पर भाजपा की जीत का अंतर 12,000 वोटों से कम था। तेजस्वी यादव ने राज्य में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को भी कठघरे में खड़ा किया और दावा किया कि अब तक बिहार की मतदाता सूची से करीब 65 लाख नाम हटाये जा चुके हैं। उन्होंने आशंका जताई कि यदि लोग समय रहते आवश्यक दस्तावेज नहीं दे पाये, तो यह संख्या और बढ़ सकती है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नाम हटाने की प्रक्रिया इतनी जटिल बना दी गई है कि आम नागरिक को अपील करने का मौका तक नहीं मिल रहा है। श्री यादव ने घोषणा की कि 17 अगस्त से राजद “वोटर अधिकार यात्रा” शुरू करेगी, जिसका उद्देश्य जनता को जागरूक करना और चुनावी अनियमितताओं को उजागर करना होगा। उन्होंने संकेत दिया कि यदि हालात नहीं सुधरे, तो महागठबंधन के सहयोगियों के साथ मिलकर आगामी चुनावों के बहिष्कार पर भी विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लगता है सब कुछ पहले से तय कर लिया गया है।

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