प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर, कम लागत में ज्यादा उत्पादन का लक्ष्य : Shivraj Singh Chauhan
नयी दिल्ली : केंद्रीय कृषि , किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को कहा कि प्राकृतिक खेती में लागत कम और मुनाफा बहुत ज्यादा है तथा आधुनिक तकनीक अपनाकर खेती को फायदे का धंधा बनाना है। श्री चौहान ने आज आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी में किसानों एवं स्वयं सहायता समूह की दीदियों से संवाद के दौरान यह बात कही।

उन्होंने किसानों से कहा , “मैं जहां भी जाता हूं, वहां किसानों के खेतों में जरूर जाता हूं। खेतों में जाये बिना कोई भी खेती को नहीं समझ सकता। मैंने आज यहां भी प्राकृतिक खेती को देखा। उसमें लागत बहुत कम और मुनाफा बहुत ज्यादा है। हमारे पास कम जोत है, लेकिन इसके बावजूद आधुनिक तकनीक अपनाकर खेती को फायदे का धंधा बनाना है क्योंकि खेती के बिना ना ही भारत का और ना ही आंध्र प्रदेश का काम चल सकता है।” केंद्रीय मंत्री ने स्वयं सहायता समूह की दीदियों से कहा , “आप अबला नहीं, सही अर्थों में सबला हैं। मैंने आपके बनाये उत्पाद यहां देखें। मुझे बहुत खुशी हुई।”
उन्होंने दीदियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि गरीब नहीं रहना है और ना ही हाथ फैलाना है बल्कि आप सभी को सम्मान के साथ अपना जीवन जीना है। उन्होंने कहा, “मैंने मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री रहते हुए महिलाओं के लिए लाड़ली बहना योजना बनाई , जिससे लाखों बहनों को लाभ मिला। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का संकल्प है। जिस लक्ष्य की ओर हम तेजी से बढ़ रहे हैं, अब तक डेढ़ करोड़ से ज्यादा दीदियां लखपति बन चुकी हैं।”
उन्होंने कहा कि अब बहनों को लखपति नहीं, करोड़पति बनाना है और दीदियां उद्यमी कैसे बने तथा छोटे-छोटे उद्योग कैसे शुरू करें, इस पर भी तेजी से काम किया जायेगा। उन्होंने कहा , “मुझे पूरा विश्वास है कि बहनें यह भी करके दिखायेंगी और छोटे से बड़ा उद्योग भी चलाना शुरू करेंगी। हम देश, आन्ध्र प्रदेश और ज़िले में विकास की नयी लकीर खीचेंगे।”




