Politics: राजस्थान के नेता प्रतिपक्ष जूली ने ईआरसीपी का नाम राष्ट्रपति मुर्मू के नाम पर रखने की मांग की

Rajasthan LoP Jully demands ERCP’s name after President Murmu

विधानसभा में सत्तारूढ़ भाजपा विधायकों द्वारा प्रस्तावित पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने के सुझाव पर विपक्ष के नेता (कांग्रेस) टीकाराम जूली ने कहा कि ईआरसीपी का नाम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम पर रखा जाना चाहिए, क्योंकि वे आदिवासी समुदाय से हैं।

विनियोग एवं वित्त विधेयक पर बहस में भाग लेते हुए जूली ने कल शाम सदन में कहा, “ईआरसीपी का अधिकांश क्षेत्र आदिवासी एवं दलित लोगों का है। ऐसे में मेरा प्रस्ताव है कि ईआरसीपी का नाम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम पर रखा जाना चाहिए। दूसरा सुझाव यह है कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ईआरसीपी की योजना लेकर आई थीं। ऐसे में इसका नाम उनके नाम पर भी रखा जा सकता है। लेकिन आप ऐसा नहीं करेंगे।” जूली ने झुंझुनू और सांभर झील में कांवड़ियों पर पुलिस लाठीचार्ज पर निशाना साधते हुए कहा, ”मुख्यमंत्री जी आप गिरिराज जी के भक्त हैं और हमारे नेता शिव के भक्त हैं। सावन का महीना है, दूसरा सोमवार है और आज इस प्रदेश में कांवड़ियों को पुलिस और होमगार्ड पीट रहे हैं।

सांभर थाने से एक कांस्टेबल को हटाकर कह दिया कि मामला खत्म हो गया। आप धर्म का राग अलापते हो और कांवड़ियों को पीटते हो। लाठीचार्ज में शामिल पूरे थाने के खिलाफ कार्रवाई करो।” लोकसभा की कार्यवाही की तरह आज विधानसभा में भी अडानी और अंबानी का नाम गूंजा। कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा ने कहा कि भाजपा ने अडानी और अंबानी से चंदा लेकर करोड़ों रुपए के कार्यालय बनवाए। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार अंबानी को हजारों करोड़ रुपए की जमीन सस्ते दामों पर नहीं देती तो क्या वह शादी पर 5 हजार करोड़ रुपए खर्च कर पाते। पैसों का ऐसा भद्दा प्रदर्शन अच्छा नहीं कहा जा सकता।

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