Kolkata : लिफ्ट की केबल टूटने से करीब 1500 फीट की गहराई में फंसे 15 व्यक्तियों में से 14 को एसडीआरएफ व कॉपर लिमिटेड की रेस्क्यू टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चला सुरक्षित बाहर निकाल लिया,
Out of 15 people trapped at a depth of about 1500 feet due to breakage of the lift cable, 14 were safely evacuated by the rescue team of SDRF and Copper Limited in a rescue operation.
हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की नीमकाथाना जिले में थाना खेतड़ी स्थित कोलिहान खदान में कोलकाता से आए दल द्वारा निरीक्षण के दौरान लिफ्ट की केबल टूटने से करीब 1500 फीट की गहराई में फंसे 15 व्यक्तियों में से 14 को एसडीआरएफ व कॉपर लिमिटेड की रेस्क्यू टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चला सुरक्षित बाहर निकाल लिया, वहीं मुख्य सतर्कता अधिकारी उपेंद्र कुमार पांडे का शव बरामद किया गया। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एसडीआरएफ श्री अनिल पालीवाल ने बताया कि मंगलवार रात करीब 10:00 बजे स्टेट कंट्रोल रूम जयपुर से हिंदुस्तान कॉपर माइंस लिमिटेड खेतड़ी की खदान में करीब 1875 फीट की गहराई में 15 व्यक्तियों के फंसे होने की सूचना एसडीआरएफ कंट्रोल रूम को मिलने पर कमांडेंट राजेंद्र सिंह सिसोदिया के निर्देशानुसार आपदा राहत एवं बचाव के लिए जल महल पुलिस ग्रामीण लाइन में तैनात रेस्क्यू टीम प्रभारी प्लाटून कमांडर रवि वर्मा मय टीम को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। एडीजी श्री पालीवाल ने बताया कि थाना खेतड़ी अंतर्गत हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की कोलिहान खदान में कोलकाता से निरीक्षण के लिए एक टीम आई हुई थी। रात करीब 8:00 बजे निरीक्षण के दौरान लिफ्ट की केबल टूटने से लिफ्ट करीब 1500 फीट की गहराई में गिर गई। जिससे उसमें सवार 15 व्यक्ति फंस गए। हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की रेस्क्यू टीम तथा स्थानीय प्रशासन फंसे हुए व्यक्तियों को बाहर निकलने का प्रयास कर रही थी। मौके पर जिला कलेक्टर शरद मेहरा तथा एसपी प्रवीण नायक मौजूद थे।

मध्य रात करीब 3:00 बजे एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम प्रभारी रवि वर्मा 12 जवानों तथा आपदा राहत उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। डिप्टी कमांडेंट राकेश पाल सिंह के सुपरविजन में एसडीआरएफ तथा कॉपर लिमिटेड की रेस्क्यू टीम द्वारा संयुक्त ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। टीम कमांडर रवि वर्मा 9 जवानों तथा हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की रेस्क्यू टीम को लेकर दूसरी लिफ्ट एवं रेस्क्यू रोप की सहायता से घायलों तक पहुंचे। सबसे पहले गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार देकर ट्राली की सहायता से -72 मीटर के लेवल से जीरो मीटर लेवल तक लेकर आए। उसके बाद पुली एवं रेस्क्यू रोप से घायलों को इंप्रोवाइज्ड स्ट्रेचर की मदद से प्लस 64 मीटर लेवल बेस तक बाहर निकाला गया। फिर प्लस 64 मीटर बेस से खदान के वाहनों से 400 मीटर बाहर निकालकर एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भिजवाया गया। सबसे पहले रेस्क्यू टीमों ने तीन गंभीर घायलों को बाहर निकाला। उसके बाद पांच व्यक्तियों को और अंत में सभी सात व्यक्तियों को बाहर निकाल कर अस्पताल भिजवाया। साथ ही मृतक चीफ विजिलेंस ऑफिसर उपेंद्र कुमार पांडे के शव को बाहर निकाला गया।माइंस से जीवित रेस्क्यू किए गए अधिकारी इस ऑपरेशन में रेस्क्यू टीम ने केसीसी इकाई प्रमुख जीडी गुप्ता, कोलिहान खदान उप महाप्रबंधक एके शर्मा, वरिष्ठ प्रबंधक विद्युत विनोद सिंह शेखावत, सहायक उप महाप्रबंधक मैकेनिक एके बेरा, मुख्य प्रबंधक खदान अर्णय भंडारी, सहायक उप महाप्रबंधक यशोराज मीणा, सहायक उप महाप्रबंधक विजिलेंस वनेन्दू भंडारी, फोटोग्राफर विकास पारीक, प्रबंधक रिसर्च निरंजन साहू, सुरक्षा अधिकारी करण सिंह, प्रबंधक प्रीतम सिंह, प्रबंधक खदान रमेश नारायण सिंह एवं कर्मचारी हरसी राम व भागीरथ को जीवित रेस्क्यू करने में सफलता हासिल की है। एसडीआरएफ के इस टीम ने पाई सफलता टीम प्रभारी प्लाटून कमांडर रवि वर्मा के साथ हैड कांस्टेबल इम्तियाज अली, कांस्टेबल हवा सिंह, धौल्याराम, धर्मेंद्र, ओमप्रकाश, राजेंद्र, गिरधारी लाल, सुरेंद्र, मनराज, कानाराम एवं सागरमल। रेस्क्यू टीम की हुई सराहना मौके पर मौजूद जिला कलेक्टर शरद मेहरा, एसपी प्रवीण नायक, विधायक खेतड़ी धर्मपाल गुर्जर तथा स्थानीय नागरिकों ने एसडीआरएफ की टीम को धन्यवाद दिया तथा रेस्क्यू टीम द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की।




