बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर पंजाब बंद, सुबह 7 से दोपहर 2 बजे तक जनजीवन प्रभावित
बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा के आह्वान पर आज पंजाब बंद रखा गया है। मोर्चा ने राज्यभर में सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक बंद का आह्वान किया है। संगठन का कहना है कि कई सिख कैदी लंबे समय से जेलों में बंद हैं और कुछ ऐसे कैदी भी हैं, जिन्होंने अपनी सजा पूरी कर ली है या रिहाई के लिए पात्र हैं। मोर्चा सरकार से इन मामलों में शीघ्र निर्णय लेने की मांग कर रहा है।
बंद के कारण राज्य के कई हिस्सों में बाजार, दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान प्रभावित हुए हैं। सार्वजनिक परिवहन और सड़क यातायात पर भी असर पड़ने की संभावना जताई गई है। निजी विद्यालयों में अवकाश घोषित किए जाने की खबर है, जबकि पंजाब विश्वविद्यालय ने आज होने वाली कुछ परीक्षाओं को भी आगे बढ़ा दिया है।
मोर्चे की प्रमुख मांगों में बंदी सिखों की रिहाई के अलावा जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने की मांग भी शामिल है। संगठन का कहना है कि लंबे समय से जेल में बंद कैदियों के मामलों पर सरकार को स्पष्ट और समयबद्ध निर्णय लेना चाहिए। मोर्चे ने बंद को शांतिपूर्ण रखने और आम लोगों से सहयोग करने की अपील की है।
इस बंद को कई सिख संगठनों और कुछ अन्य संगठनों का समर्थन मिला है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति ने भी बंद के समर्थन की घोषणा की है और अपने कार्यालयों तथा संस्थानों को आज बंद रखने का निर्णय लिया है। समिति की कार्यकारिणी की बैठक भी 21 अगस्त से बढ़ाकर 22 अगस्त कर दी गई है।
अमृतसर सहित कई शहरों में बंद समर्थक कार्यकर्ता सुबह से बाजारों में पहुंचे और दुकानदारों से प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की है। हालांकि अस्पताल, एंबुलेंस, दवा की दुकानें, दमकल और अन्य आवश्यक सेवाओं को बंद से अलग रखने की अपील की गई है।
पंजाब बंद के चलते आज राज्य में सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है। सरकार और प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इस आंदोलन के जरिए बंदी सिखों की रिहाई का मुद्दा एक बार फिर पंजाब की राजनीति और सामाजिक विमर्श के केंद्र में आ गया है।




