दिल्ली में डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क, बारिश के बीच मच्छरों की रोकथाम पर जोर
नई दिल्ली में मानसून के दौरान लगातार बारिश और जगह-जगह पानी जमा होने के कारण डेंगू के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। राजधानी में मच्छरों के प्रजनन को रोकने और संभावित संक्रमण पर नियंत्रण के लिए लोगों से अपने घरों तथा आसपास के क्षेत्रों में पानी जमा नहीं होने देने की अपील की जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के बाद गमलों, कूलरों, छतों, खाली डिब्बों और अन्य छोटे पात्रों में जमा पानी मच्छरों के प्रजनन का कारण बन सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर थोड़ी मात्रा में जमा पानी में भी पनप सकता है। इसलिए केवल बड़े जलभराव वाले स्थानों पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। घरों और दुकानों के आसपास नियमित निरीक्षण करना तथा पानी जमा होने वाले पात्रों को खाली करना जरूरी है। दिल्ली में मानसून के दौरान आर्द्रता और बारिश की स्थिति मच्छरों के लिए अनुकूल वातावरण बना सकती है।
स्वास्थ्य विभाग की सलाह में लोगों से सप्ताह में कम से कम एक दिन ऐसे स्थानों की जांच करने पर जोर दिया जा रहा है जहां पानी जमा हो सकता है। कूलर का पानी नियमित रूप से बदलना, पानी की टंकियों को ढककर रखना और गमलों के नीचे रखी प्लेटों को साफ रखना महत्वपूर्ण बताया गया है। नगर निकायों की ओर से भी मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान और नियंत्रण के लिए अभियान चलाए जाते हैं।
डेंगू के लक्षणों को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द, अत्यधिक कमजोरी और अन्य लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार शुरुआती जांच और निगरानी से गंभीर स्थिति से बचने में मदद मिल सकती है।
दिल्ली में 2026 के दौरान डेंगू के मामले पारंपरिक मानसून चरम से पहले ही सामने आने लगे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जुलाई तक राजधानी में 171 मामले दर्ज किए जा चुके थे, जिससे रोकथाम के प्रयासों को लगातार मजबूत रखने की आवश्यकता सामने आती है।
स्वास्थ्य विभाग का संदेश साफ है कि डेंगू की रोकथाम केवल सरकारी एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं है। यदि प्रत्येक परिवार अपने आसपास पानी जमा होने से रोके और मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समय रहते नष्ट करे, तो बीमारी के प्रसार को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।




