दिल्ली-एनसीआर में तीन वर्षों की सबसे अधिक जुलाई वर्षा, जलभराव और यातायात व्यवस्था प्रभावित

दिल्ली-एनसीआर में मानसून ने जोरदार दस्तक देते हुए पिछले तीन वर्षों की सबसे अधिक जुलाई वर्षा दर्ज कराई है। लगातार हुई मूसलाधार बारिश के कारण राजधानी दिल्ली और आसपास के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे जनजीवन पर व्यापक असर पड़ा। कई प्रमुख सड़कों, अंडरपास और निचले इलाकों में पानी भर जाने से यातायात की रफ्तार धीमी हो गई और लोगों को घंटों जाम का सामना करना पड़ा।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, सक्रिय मानसूनी प्रणाली के प्रभाव से राजधानी और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लगातार वर्षा हुई। विभाग ने अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रशासन ने भी नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

बारिश के कारण कई स्थानों पर जलनिकासी व्यवस्था प्रभावित हुई, जिससे कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, विद्यार्थियों और दैनिक यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ इलाकों में वाहन धीमी गति से चलते रहे, जबकि कई मार्गों पर यातायात को वैकल्पिक रास्तों की ओर मोड़ना पड़ा। यातायात पुलिस ने प्रमुख चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती कर यातायात को सामान्य बनाए रखने का प्रयास किया।

नगर निगम और संबंधित एजेंसियों ने जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने के लिए पंपों की सहायता से राहत कार्य तेज कर दिए हैं। साथ ही नालों और जलनिकासी मार्गों की सफाई भी युद्धस्तर पर की जा रही है ताकि आगे होने वाली वर्षा के दौरान स्थिति को नियंत्रित रखा जा सके।

स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों को जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेषज्ञों ने नागरिकों से जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचने, साफ पेयजल का उपयोग करने और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि सभी संबंधित विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

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