अकाल तख्त ने पंजाब सरकार को 10 दिन का अल्टीमेटम, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री रोकने की मांग

सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त ने पंजाब सरकार को सोशल मीडिया पर सिख संस्थाओं, धार्मिक प्रतीकों और सिख समुदाय के खिलाफ कथित आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए 10 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। अकाल तख्त ने कहा कि यदि निर्धारित समय के भीतर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो इस मुद्दे पर आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।

अकाल तख्त के प्रतिनिधियों का कहना है कि पिछले कुछ समय से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर सिख धर्म, गुरुओं, धार्मिक परंपराओं और संस्थाओं के संबंध में कथित रूप से आपत्तिजनक पोस्ट, वीडियो और टिप्पणियां सामने आ रही हैं। उनका आरोप है कि ऐसी सामग्री से धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं और समाज में अनावश्यक तनाव पैदा होने की आशंका रहती है।

अकाल तख्त ने पंजाब सरकार से मांग की है कि ऐसे मामलों की तत्काल जांच कराई जाए, दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए और सोशल मीडिया मंचों के साथ समन्वय कर आपत्तिजनक सामग्री को शीघ्र हटाया जाए। संस्था ने यह भी कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान होना चाहिए, लेकिन किसी भी धर्म या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए।

दूसरी ओर, पंजाब सरकार की ओर से कहा गया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली किसी भी अवैध या भड़काऊ सामग्री पर संबंधित एजेंसियां लगातार नजर रख रही हैं। सरकार ने आश्वासन दिया है कि शिकायतों की जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और कानून के अनुरूप आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

इस घटनाक्रम पर विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों की भी नजर बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि संवेदनशील धार्मिक मुद्दों पर सभी पक्षों को संयम बरतते हुए संवाद और कानून के दायरे में समाधान तलाशना चाहिए, ताकि सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारा बना रहे।

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