इज़राइल-गाजा युद्ध के 1,000 दिन पूरे, श्रद्धांजलि और विरोध प्रदर्शनों के बीच शांति की मांग तेज
इज़राइल और गाजा के बीच जारी संघर्ष को 1,000 दिन पूरे होने के अवसर पर इज़राइल के विभिन्न शहरों में श्रद्धांजलि सभाओं, मौन जुलूसों और विरोध प्रदर्शनों का आयोजन किया गया। इस लंबे संघर्ष ने हजारों लोगों की जान ली है, जबकि लाखों लोग विस्थापित हुए हैं और क्षेत्र में मानवीय संकट लगातार गहराता जा रहा है।
युद्ध के 1,000 दिन पूरे होने पर इज़राइल में उन लोगों को श्रद्धांजलि दी गई जिन्होंने इस संघर्ष में अपनी जान गंवाई। कई स्थानों पर पीड़ित परिवारों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने मोमबत्तियां जलाकर मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही, उन बंधकों की सुरक्षित रिहाई की मांग भी दोहराई गई जो अब भी हमास के कब्जे में बताए जाते हैं।
दूसरी ओर, तेल अवीव, यरुशलम और अन्य शहरों में बड़ी संख्या में लोगों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किए। प्रदर्शनकारियों ने युद्ध को समाप्त करने, बंधकों की शीघ्र रिहाई सुनिश्चित करने और संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज करने की मांग की। कई प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लंबे समय से जारी संघर्ष का सैन्य समाधान पर्याप्त साबित नहीं हुआ है और अब बातचीत का रास्ता अपनाया जाना चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी लगातार युद्धविराम और मानवीय सहायता बढ़ाने की अपील कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र सहित कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने गाजा में खाद्य सामग्री, दवाइयों और आवश्यक राहत सामग्री की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और स्थायी शांति की दिशा में सार्थक वार्ता शुरू करने का आग्रह किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि 1,000 दिनों से जारी यह संघर्ष केवल क्षेत्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक चिंता का विषय बन चुका है। ऐसे में दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में कूटनीतिक प्रयास कितने प्रभावी साबित होते हैं और क्या दोनों पक्ष हिंसा समाप्त कर स्थायी शांति की दिशा में आगे बढ़ पाएंगे।




