आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों पर पंजाब सरकार सख्त, विशेष अभियान शुरू करने की घोषणा
पंजाब में आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों और लोगों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद पंजाब सरकार ने विशेष अभियान शुरू करने की घोषणा की है। इस अभियान का उद्देश्य आवारा कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण करना, लोगों को सुरक्षित माहौल देना और पशु कल्याण से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार राज्य के कई शहरों और गांवों में आवारा कुत्तों के हमलों की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों पर हमले के मामलों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। अस्पतालों में डॉग बाइट के मामलों में वृद्धि देखी गई है, जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय निकायों को अलर्ट पर रखा गया है।
पंजाब सरकार ने नगर निगमों, नगर परिषदों और पंचायतों को निर्देश जारी किए हैं कि वे आवारा कुत्तों की पहचान, नसबंदी और टीकाकरण अभियान तेज करें। इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में विशेष टीमें तैनात की जाएंगी, जो लोगों की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करेंगी। सरकार का कहना है कि अभियान के दौरान पशु क्रूरता से जुड़े नियमों का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।
स्थानीय प्रशासन को यह भी कहा गया है कि स्कूलों, पार्कों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में निगरानी बढ़ाई जाए। कई जगहों पर लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने की योजना बनाई गई है, ताकि नागरिक भी सुरक्षा उपायों को अपनाएं और प्रशासन को समय पर जानकारी दें।
पंजाब सरकार के इस फैसले का कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से इस समस्या के समाधान की जरूरत महसूस की जा रही थी। वहीं पशु अधिकार संगठनों ने मांग की है कि अभियान मानवीय तरीके से चलाया जाए और कुत्तों के संरक्षण तथा पुनर्वास की व्यवस्था भी की जाए।
सरकार ने भरोसा दिलाया है कि आने वाले दिनों में इस अभियान को पूरे राज्य में प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।




