अवैध खनन पर कड़ा प्रहार, पारदर्शी नीति के तहत नए माइनिंग साइट्स शुरू

राज्य सरकार ने अवैध खनन पर सख्ती दिखाते हुए बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू कर दी है। खनन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमों ने कई जिलों में छापेमारी कर अवैध खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए हैं, साथ ही दर्जनों वाहनों और मशीनरी को जब्त किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध खनन से जहां सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा था, वहीं पर्यावरण को भी गंभीर क्षति पहुंच रही थी।

खनन मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने खनन गतिविधियों को पूरी तरह पारदर्शी और नियमबद्ध बनाने का फैसला किया है। इसी के तहत ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के माध्यम से नए वैध माइनिंग साइट्स शुरू किए गए हैं। इन साइट्स पर जीपीएस ट्रैकिंग, ऑनलाइन परमिट और डिजिटल भुगतान व्यवस्था लागू की गई है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।

सरकार का दावा है कि नई नीति से न केवल राजस्व में बढ़ोतरी होगी, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। खनन कार्यों में पर्यावरण मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए नियमित निरीक्षण और ड्रोन सर्विलांस की व्यवस्था भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि अवैध खनन में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार पारदर्शिता और निगरानी को लगातार बनाए रखती है, तो खनन क्षेत्र में सुधार के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास दोनों को संतुलित किया जा सकेगा।

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