पंजाब में डेंगू के 451 मामले, स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी
चंडीगढ़। पंजाब में इस वर्ष अब तक डेंगू के 451 मामले सामने आए हैं, जबकि चिकनगुनिया के 16 मामलों की भी पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 21 सितंबर तक राज्य में डेंगू के 1,00,414 नमूनों की जांच की जा चुकी है। इनमें से 64,049 नमूनों की जांच आम आदमी क्लीनिकों में हुई। जांच के दौरान डेंगू की सकारात्मकता दर 0.45 प्रतिशत रही। अब तक डेंगू से किसी मौत की पुष्टि नहीं हुई है।
स्वास्थ्य विभाग ने अधिक मामलों वाले जिलों में निगरानी और मच्छर नियंत्रण अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं। लुधियाना, कपूरथला, फरीदकोट और तरनतारन में विशेष रूप से क्षेत्रीय निरीक्षण बढ़ाने को कहा गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, लुधियाना में सबसे अधिक 52 मामले सामने आए हैं, जबकि गुरदासपुर में 50 और पटियाला में 38 मामले दर्ज किए गए हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने अधिकारियों से कहा है कि केवल डेंगू के मरीजों की पहचान तक सीमित रहने के बजाय मच्छरों के प्रजनन स्थलों और लार्वा को नष्ट करने पर अधिक ध्यान दिया जाए। इसके लिए आशा कार्यकर्ताओं और नर्सिंग छात्रों को घर-घर सर्वेक्षण में शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य टीमों को डेंगू के संभावित हॉटस्पॉट की पहचान कर नियमित निरीक्षण करने तथा जरूरत के अनुसार घरों और बाहरी क्षेत्रों में धुआं छिड़काव कराने के लिए भी कहा गया है। ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण समितियों की गतिविधियों को बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
विभाग ने लोगों से घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील की है। कूलर, गमले, छतों और अन्य स्थानों पर जमा पानी मच्छरों के प्रजनन का कारण बन सकता है। ऐसे स्थानों की नियमित सफाई और पानी की निकासी से डेंगू के प्रसार को रोकने में मदद मिल सकती है।




