दिल्ली में अगस्त के पहले सप्ताह में 16 वर्षों में सबसे अधिक बारिश, जनजीवन प्रभावित
राजधानी दिल्ली में अगस्त के पहले सप्ताह में हुई लगातार बारिश ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। मौसम संबंधी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष अगस्त के शुरुआती सप्ताह में दिल्ली में करीब 16 वर्षों के दौरान इस अवधि में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण राजधानी के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश के कारण दिल्ली की कई प्रमुख सड़कों पर पानी जमा हो गया। निचले इलाकों में स्थिति अधिक गंभीर रही, जहां लोगों को घरों और दुकानों से बाहर निकलने में दिक्कत हुई। कई स्थानों पर यातायात की गति धीमी पड़ गई और वाहन चालकों को लंबे जाम का सामना करना पड़ा। कार्यालय जाने वाले लोगों, विद्यार्थियों और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों को भी परेशानी हुई।
मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में आगे भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। कुछ इलाकों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभागों को जलभराव वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
लगातार बारिश से दिल्ली के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बारिश से राहत मिली है, लेकिन जलभराव और यातायात संबंधी समस्याओं ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई जगह नालियों की सफाई और पानी की निकासी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
प्रशासन की ओर से जलभराव वाले संवेदनशील क्षेत्रों में पानी निकालने के लिए पंप और अन्य संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। यातायात पुलिस भी प्रमुख मार्गों पर स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के दौरान कम समय में अधिक बारिश होने से शहरी क्षेत्रों में जलनिकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में दिल्ली में आने वाले दिनों में भी बारिश को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।


