कई राज्यों में भारी बारिश के बीच प्रशासन अलर्ट, राहत एवं बचाव दलों की तैनाती तेज
देश के कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के बाद राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। संभावित बाढ़, जलभराव और भूस्खलन जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दलों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।
पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार वर्षा के कारण भूस्खलन की घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। कई स्थानों पर सड़क संपर्क प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए लोक निर्माण विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें चौबीसों घंटे निगरानी कर रही हैं। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी भी पूरी कर ली गई है।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, राज्य आपदा मोचन बल, अग्निशमन विभाग और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से राहत कार्यों की योजना पर काम कर रहे हैं। संवेदनशील जिलों में नावें, जीवन रक्षक उपकरण, पंप सेट और आवश्यक राहत सामग्री पहले से उपलब्ध करा दी गई है। जरूरत पड़ने पर अस्थायी राहत शिविर स्थापित करने की भी व्यवस्था की गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने बारिश के मौसम में जलजनित और मच्छरजनित रोगों के खतरे को देखते हुए अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। आवश्यक दवाओं, चिकित्सकीय उपकरणों और एंबुलेंस सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच और स्वच्छता बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचें, बिजली के खुले तारों से दूरी बनाए रखें तथा किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष से तुरंत संपर्क करें। अधिकारियों का कहना है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त राहत एवं बचाव दल भी तैनात किए जाएंगे।




