दिल्ली में व्यावसायिक इमारतों की सुरक्षा जांच तेज, कोचिंग संस्थानों के लिए नए सुरक्षा मानकों पर प्रशासन का जोर
दिल्ली में सार्वजनिक सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्रशासन ने व्यावसायिक इमारतों, कोचिंग संस्थानों तथा अन्य भीड़भाड़ वाले प्रतिष्ठानों की व्यापक सुरक्षा जांच अभियान शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी भवन निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन कर रहे हों और किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
प्रशासन के निर्देश पर संबंधित विभागों की संयुक्त टीमें विभिन्न क्षेत्रों में स्थित व्यावसायिक भवनों, कोचिंग सेंटरों, कार्यालय परिसरों और अन्य सार्वजनिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रही हैं। जांच के दौरान भवनों में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास मार्ग, विद्युत सुरक्षा, सीसीटीवी व्यवस्था, भवन की संरचनात्मक स्थिति तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा उपायों का आकलन किया जा रहा है।
विशेष रूप से कोचिंग संस्थानों के लिए नए सुरक्षा मानकों पर जोर दिया गया है। अधिकारियों ने संचालकों को निर्देश दिए हैं कि सभी संस्थान अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र, भवन सुरक्षा प्रमाणपत्र और अन्य आवश्यक अनुमतियां समय पर प्राप्त करें। साथ ही छात्रों की संख्या के अनुरूप पर्याप्त निकास मार्ग, साफ-सुथरी सीढ़ियां, आपातकालीन लाइटिंग तथा प्राथमिक उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराना भी आवश्यक होगा।
प्रशासन का कहना है कि जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर नोटिस जारी करने, जुर्माना लगाने अथवा संचालन पर रोक लगाने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं। अधिकारियों ने भवन मालिकों और संस्थान संचालकों से अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन करें और निरीक्षण दलों को आवश्यक सहयोग प्रदान करें।
दिल्ली सरकार और संबंधित विभागों का मानना है कि नियमित निरीक्षण और सख्त सुरक्षा मानकों के पालन से भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है। प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें किसी भवन में सुरक्षा संबंधी गंभीर कमी दिखाई दे तो इसकी सूचना संबंधित विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।




